‘ऑपरेशन अर्नब’ के तहत महाराष्ट्र सरकार ने अर्नब को गिरफ्तार करवाया, 40 सदस्यीय टीम का हुआ था गठन

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने बुधवार ( 4 नवम्बर, 2020 ) को सुबह लगभग साढ़े 6 बजे उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने बंद केस में अर्नब की गिरफ़्तारी हुई। अर्नब गोस्वामी को महाराष्ट्र सरकार ने ऑपरेशन अर्नब अर्नब के तहत गिरफ्तार करवाया। इसके लिए बाकायदा 40 सदस्यों की टीम बनी थी।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन चीफ अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 40 सदस्यीय टीम का गठन किया था. गृह विभाग ने कोंकण रेंज के महानिरीक्षक संजय मोहिते को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार रायगढ़ पुलिस ने इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद की कथित आत्महत्याओं की जांच फिर से शुरू करने की अनुमति मिलने के कुछ दिनों बाद ही ‘ऑपरेशन अर्नब’ की तैयारी शुरू कर दी थी. इस ऑपरेशन में मुंबई और रायगढ़ पुलिस के 40 कर्मियों को शामिल किया गया था।

संजय मोहिते ने अर्नब को गिरफ्तार करने की योजना का मसौदा तैयार किया, जबकि इसे अंजाम देने की जिम्मेदारी हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वेज को सौंपी गई. मोहिते के नेतृत्व वाली टीम के लिए अर्नब को गिरफ्तार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था. टीम के एक सदस्य ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि हमने बहुत सावधानी से काम किया. टीम के प्रत्येक सदस्य ने संयम का पालन किया।

सदस्य ने कहा, यह एक गुप्त ऑपरेशन था और हमारे लोगों ने अर्नब के घर के कई चक्कर लगाए थे. हमें डर था कि जानकारी लीक हुई तो अर्नब गिरफ्तारी से बचने के लिए शहर से बाहर जा सकते हैं। टीम के सदस्य ने बताया, ‘यह एक योजनाबद्ध ऑपरेशन था और छोटे-छोटे मुद्दों का ध्यान रखा गया था. यह पहले से तय किया गया था कि कौन दरवाजा खटखटाएगा, कौन अर्नब और उनके परिवार के सदस्यों से बात करेगा और अगर वह विरोध करते हैं तो क्या कार्रवाई की जाएगी।