अर्नब को मिली बेल तो खुश हुए लोग, जंतर मंतर पर ढोल-नगाड़े बजाकर लोगों ने मनाई खुशियां: वीडियो

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है, सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा- “हम मानते हैं कि जमानत नहीं देने में हाईकोर्ट गलत था।” इसके साथ ही अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपितों को 50,000 रुपए के बांड पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया।

अर्नब को जमानत मिलने के बाद लोगों में ख़ुशी का माहौल है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर खुशियाँ मनाई। बस अब अर्नब की एक झलक पाना चाहते है. आपको बता दें कि अर्नब को 4 नवंबर 2020 को मुंबई पुलिस ने बर्बरतापूर्व तरीके से गिरफ्तार किया था आज सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी.


अर्णब गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर हम आज इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करते हैं तो बर्बादी की राह पर बढ़ जाएँगे। उन्होंने कहा कि किसी की विचारधारा अलग हो सकती है और वो चैनल नहीं देखे, लेकिन संवैधानिक अदालतें अगर ऐसी आज़ादी की सुरक्षा नहीं करती हैं तो वो बर्बादी की राह पर बढ़ रही है।

महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य सरकार किसी व्यक्ति को निशाना बनाती है तो उसे पता होना चाहिए कि नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए शीर्ष अदालत है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर संवैधानिक अदालत हस्तेक्षप नहीं करती तो, हम निश्चित रूप से विनाश की राह पर चल रहे हैं।