कोरोना के आगे केजरीवाल ने टेके घुटनें तो अमित शाह ने संभाली दिल्ली की कमान, दिए ये 12 निर्देश

दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। दिल्ली में दिन-प्रतिदिन हालात बहुत भयावह होते चले जा रहे हैं। दिल्ली की लचर स्वास्थ्य सुविधाओं को देखकर ऐसा लगता है की, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अब कोरोना के सामनें घुटनें टेक चुके हैं, जिसकी वजह से अब अमित शाह को दिल्ली की कमान संभालनी पड़ी है, जी हाँ!

दिल्ली में बढ़ते कोविड-19 के मामलों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. आपको बता दें कि इससे पहले मई से ही अमित शाह ने दिल्ली की कमान संभाल रखी है. अमित शाह ने कहा कि मई 2020 में मोदी सरकार ने दिल्ली की जनता को कोरोना से बचाने के लिए दिल्ली सरकार के साथ विभिन्न कदम उठाये थे जिनके सकारात्मक नतीजे सभी को देखने को मिले थे।

बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कई निर्देश दिए.
1) सर्वप्रथम दिल्‍ली में RT-PCR टेस्ट में दो-गुना वृद्धि की जाएगी।
2) दिल्‍ली में लैबों की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करके, जहां कोविड होने का खतरा ज़्यादा है, वहां स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय तथा ICMR की मोबाइल टेस्टिंग वैनों को तैनात किया जाएगा।
3) दिल्ली में अस्पतालों की क्षमता तथा अन्‍य मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उपलब्‍धता में वृद्धि की जानी चाहिए।
इसी दिशा में मई में बनाए गये धौला कुआं स्थित DRDO के कोविड अस्पताल में 250 से300 ICU बेड और शामिल किए जाएंगे, जिसे गम्भीर कोविड रोगियों का वहाँ इलाज किया जा सके।
4) ऑक्‍सीजन की सुविधा वाले बेडों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्‍य से छतरपुर के 10,000बेड वाले कोविड सेंटर को और सशक्त किया जाएगा।
5) MCD के कुछ चिन्हित अस्‍पतालों को हल्‍के-फुल्‍के लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए डेडिकेटेड अस्‍पतालों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
6) कोविड-19 संबंधी मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उपलब्‍धता तथा मरीजों की भर्ती की स्थिति के इंस्पेक्शन तथा पहले लिए निर्णय के अनुसार, बेडों की उपलब्धता की सही स्थिति को स्‍पष्‍ट रूप से दर्शाने के लिए, डेडिकेटेड बहु-विभागीय टीमें, दिल्‍ली के सभी प्राइवेट अस्‍पतालों में जाएंगी।
7) पहले शुरू किए गए सारे कंटेनमेंट उपायों की समीक्षा हो, जैसे कंटेनमेंट जोनों की स्‍थापना, कंटेक्‍ट ट्रेसिंग तथा क्वारंटीन और स्‍क्रीनिंग।
विशेषकर वह लोग जिन्हें कोविड होने का खतरा अधिक है उनकी लगातार समीक्षा की जानी चाहिए ताकि रोकथाम उपायों को लागू करने में कोई कमी ना रह जाए।
8) केंद्रीय सशक्त पुलिस बलों ने कोरोना से लड़ने में देश और दिल्ली की जनता का बहुत सहयोग किया है।
मोदी सरकार ने दिल्ली में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए CAPF से अतिरिक्‍त डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ देने का निर्णय किया है, उन्हें शीघ्र ही एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जायेगा।
9) आज की बैठक में यह भी निर्देश दिए कि कोविड-19 के होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की ट्रैकिंग रखने तथा तत्‍काल मेडिकल सुविधा की आवश्‍यकता पड़ने पर उनको तुरंत कोविड अस्‍पतालों में शिफ्ट करने की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया जाए। जिससे अधिक से अधिक लोगों के जीवन को बचाया जा सके।
10) गंभीर कोरोना मामलों में प्‍लाज्‍मा डोनेशन और प्रभावित व्यक्तियों को प्‍लाज्‍मा प्रदान किए जाने के लिए प्रोटोकॉल तैयार करने के निर्देश दिए।
डॉ. वी के पॉल, निदेशक एम्‍स और महानिदेशक ICMR के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति इसपर जल्द ही रिपोर्ट देगी।
11) दिल्ली में अधिक से अधिक लोगों की जान बचने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन सिलिंडर, High Flow Nasal Cannula व् अन्य सभी जरुरी स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध करवाएगी।
12) सुरक्षा ही कोरोना का एक मात्र उपाय है, इसलिए लोगों को COVID-19 Behaviour के बारे में बताने तथा लंबे समय में मेडिकल और स्‍वास्‍थ्‍य मानदंडों पर इससे पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी देने के लिए दिल्ली में ठोस संवाद कार्यनीति होनी चाहिए। इसके लिए भी निर्देश दिए।

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