मंदिर में घुसकर नवाज अदा करना कोई गुनाह नहीं है: आचार्य प्रमोद कृष्णम, कांग्रेस

दो मुस्लिम युवक झूठ बोलकर मथुरा मथुरा के नंदगांव में स्थित नंदबाबा मंदिर में घुसे और नवाज पढ़ने लगे, नवाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए, मंदिर प्रशासन की शिकायत पर फैजल खान और उसके दोस्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. धोखे से मंदिर में नवाज पढ़े जाने को लेकर एक तरफ हिन्दुओं में आक्रोश है तो वहीँ कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे सही ठहराया है. आचार्य की मानें तो मंदिर में घुसकर नवाज अदा करना कोई गुनाह नहीं है.

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनें ट्वीट में लिखा, भगवान के घर में “इबादत” और “ख़ुदा” के घर में “पूजा” करना गुनाह कब से हो गया….क्या ईश्वर और अल्लाह अलग अलग हैं, क्या महात्मा गांधी “ग़लत” कहते थे “ईश्वर अल्लाह तेरो नाम”

हालाँकि ये सिर्फ एक जुमला ही है कि भगवान के घर में “इबादत” और “ख़ुदा” के घर में “पूजा” करना गुनाह कब से हो गया, कोई भी हिन्दू किसी मस्जिद में जाकर आरती नहीं कर सकता। जब एक कार्टून से मुस्लिमों की भावनाएं आहत हो जाती है तो सोंचों अगर कोई हिन्दू मस्जिद में जबरन आरती कर दे तो क्या होगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, फैजल खान और मोहम्मद चांद निलेश गुप्ता और आलोक रत्न के साथ नंदगांव के नंदबाबा मंदिर पहुंचे. दोपहर 2:00 बजे युवकों ने यहां नमाज अदा की. युवकों ने नमाज के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये. मामले पर मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी का कहना है कि उन्होंने नमाज अदा करने की कोई अनुमति नहीं दी थी. इन लड़कों से उनकी बातचीत जरूर हुई थी. नमाज धोखे से पढ़ी है।

नमाज अदा करने के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। बरसाना थाने में मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद चांद समते चार युवकों के खिलाफ 153-A, 295, 505 के तहत बरसाना थाने में मुकदमा दर्ज किया है. इस पूरे प्रकरण की जांच खुफिया विभाग को भी सौंपी है।