महबूबा को महंगा पड़ा पाकिस्तान प्रेम, PDP के तीन नेताओं ने एक साथ दिया इस्तीफा

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जबसे देश के खिलाफ जहर उगलने की शुरुवात की है तबसे उन्हें झटके पर झटका लग रहा है, हाल ही में महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान प्रेम दिखाया था जिसके बाद पीडीपी के संस्थापक सदस्य मुजफ्फर हुसैन बेग ने इस्तीफ़ा दे दिया। अब एक साथ तीन पीडीपी नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। पीडीपी नेता धमन भसीन, फलैल सिंह और प्रीतम कोटवाल ने पार्टी से इस्तीफा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमन भसीन, फेलैल सिंह और प्रीतम कोतवाल ने पार्टी से इस्तीफा देते वक्त एक पत्र भी लिखा, जिसमें कहा गया है- रहस्यमयी, सांप्रदायिक तत्वों ने पार्टी को हाइजैक कर लिया है। ऐसे में हमारे पास पार्टी को छोड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।

आपको बता दें कि हाल ही में महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान प्रेम दिखाते हुए कहा था कि हिंदुस्तान को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए, हम जितना सोंचते हैं उतना बुरा पाकिस्तान नहीं है, महबूबा मुफ्ती ने यह बयान ऐसे समय में दिया था जब पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया जिसमें 3 भारतीय सैनिक शहीद हो गए, इसके बाद भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के 12 सैनिकों को ढ़ेर कर दिया।

इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जब तक जम्मू कश्मीर में धारा 370 दोबारा नहीं लग जाती, तबतक हम तिरंगे का सम्मान नहीं करेंगे। हमें हमारा कश्मीरी झंडा चाहिए। आपको बता दें कि 5 अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा दिया था और जम्मू कश्मीर को केंद्र शसित प्रदेश बना दिया था तभी से ही महबूबा-अब्दुल्ला बौखलाए हुए हैं.

धारा 370 हटने से कश्मीर सही मायने में भारत का अखंड हिस्सा बना नहीं तो पहले वहां अपना संविधान चलता था, भारत की आन-बान-शान तिरंगे का अपमान करना कोई गुनाह नहीं था, लेकिन धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में अब भारत का संविधान लागू हो गया।

जम्मू कश्मीर में फिर से धारा 370 लगवाने के लिए राज्य की सभी प्रमुख राजनैतिक पार्टियां जैसे नेशनल, कॉन्फ्रेंस और पीडीपी एकजुट हो गई हैं, इस गठबंधन को गुपकार नाम दिया गया है।