उद्धव ने सनातन धर्म को बहुत पीड़ा पहुंचाई, बेटे की करतूत देख बाला साहेब की आत्मा रो रही होगी: पंचानंद गिरी महाराज

महाराष्ट्र में मंदिर को लेकर सियासी बवाल मच गया है, आम जनता व् साधु-संत चाहते हैं महाराष्ट्र में कई महीनों से बंद मंदिरों को खोला जाय दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार नहीं चाहती की अभी मंदिर खुले। इन सबके बीच जगतगुरु पंचानंद गिरी महाराज ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें सनातन धर्म का नुकसान करने वाला बताया है.

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर जगतगुरु पंचानंद गिरी महाराज ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सनातन धर्म को इतना पीड़ा पहुंचाई कि बाला साहेब की आत्मा बेटे का आचरण देख रो रही होगी, जगतगुरु ने कहा कि मदिरालय खुल सकता है लेकिन मंदिर नहीं ऐसा क्यों, क्या उद्धव ठाकरे अपने पिता के रहते ऐसा फैसला लेते पाते। जगतगुरु ने कहा कि उद्धव ठाकरे को साफ़ कहना चाहिए की वो किसके दबाव में हैं जो मंदिरों को खोलने की इजाजत नहीं दे रहे हैं आखिर किसके कहने पर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने पर तुले हैं.

आपको बता दें की महाराष्ट्र में मंदिर खोले जाने को लेकर भाजपा और आम जनता जमकर प्रदर्शन कर रही है, लोगों का कहना है कि हम मांग कर रहे हैं कि हमें सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अगर वे हमें प्रवेश नहीं देते हैं, तो हम मंदिर में जबर्दस्ती चले जाएंगे। यह एक अखिल महाराष्ट्र आंदोलन है क्योंकि हम चाहते हैं कि राज्य के सभी मंदिरों को जल्द से जल्द फिर से खोला जाना चाहिए।

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने भी सीएम उद्धव ठाकरे को सभी पूजा स्थलों को फिर से खोलने के संबंध में एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में राज्यपाल ने कहा, यह विडंबना है कि एक तरफ राज्य सरकार ने बार, रेस्तरां और समुद्र तट खोलने की अनुमति दे दी है जबकि दूसरी तरफ, हमारे देवी-देवताओं को लॉकडाउन में रहने के लिए दंडित किया गया है।

गर्वनर ने अपने पत्र में लिखा है कि आप (उद्धव ठाकरे ) हिंदुत्व के एक मजबूत समर्थक रहे हैं। आपने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अयोध्या जाकर भगवान राम की सार्वजनिक रूप से भक्ति की वकालत की थी। मुझे आश्चर्य है कि क्या आपको मंदिरों को फिर से खोलने के फैसले में बार बार देरी करने के लिए कोई दिव्य चेतावनी मिल रही है या आप अचानक सेकुलर बन गए हैं।

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