TRP स्कैम: रिपब्लिक की याचिका पर SC में हुई सुनवाई, जज ने परमबीर के मीडिया इंटरव्यू पर की टिप्पणी

टीआरपी घोटाले में आज गुरूवार ( 15 अक्टूबर, 2020 ) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, रिपब्लिक टीवी ने अपने मुख्य वित्तीय अधिकारी ( सीएफओ ) और दूसरे अधिकारियों को मुंबई पुलिस के समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में इंदु मल्होत्रा ​​और इंदिरा बनर्जी की खंडपीठ ने रिपब्लिक की याचिका पर आज सुनवाई की.

याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने रिपब्लिक टीवी के वकील हरीश सॉल्वे से कहा कि आप हाईकोर्ट जा सकते हैं, न्यायमूर्ति ने कहा कि वर्ली में आपके ऑफिस से फ़्लोरा फाउंटेन दूर नहीं है, अनुच्छेद 22 के तहत बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सुनवाई के दौरान बेंच के अध्यक्ष जस्टिस चंद्रचूड़ ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के मीडिया को इंटरव्यू देने पर भी टिप्पणी की कि कैसे पुलिस कमिश्नर मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं.

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश सॉल्वे ने अपनी याचिका वापस लेने पर सहमति जताई है, अब इस मामलें में राहत पाने के लिए रिपब्लिक टीवी बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।

गौरतलब है कि बीते दिनों मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके टीआरपी घोटाले का पर्दाफाश किया था, उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के दो रीजनल चैनल और रिपब्लिक टीवी पैसे देकर अपनी टीआरपी बढ़वाते हैं. इससे सीधा रेवेन्यू पर फर्क पड़ता है. प्रेस-कॉन्फ्रेंस करने के बाद परमबीर सिंह ने अलग-अलग न्यूज़ चैनलों को इंटरव्यू भी दिया था, इसके बाद मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी सुब्रमण्यम सुंदरम को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था, मुंबई पुलिस के इसी समन को रिपब्लिक ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसी मामलें पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

हालाँकि मुंबई पुलिस कमिश्नर ने जिस BARC के जिस एफआईआर का जिक्र करके रिपब्लिक टीवी पर चोरी का आरोप लगा रहे थे उसमें रिपब्लिक का नाम नहीं बल्कि इंडिया टुडे का नाम था। लेकिन परमबीर सिंह ने रिपब्लिक का नाम लिया।