सिख युवक ने महबूबा मुफ़्ती के दफ्तर पर लहराया तिरंगा, कहा- जम्मू-कश्मीर किसी के बाप की जागीर नहीं

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार ( 23 अक्टूबर, 2020 ) को देशविरोधी बयान देते हुए कहा था कि मैं तिरंगे का सम्मान तबतक नहीं करूंगी जबतक मुझे मेरा कश्मीरी झंडा मिल नहीं जाता, महबूबा मुफ्ती के इस बयान के बाद शनिवार ( 24 अक्टूबर, 2020 ) को जम्मू के कुछ सिख युवकों ने महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ( पीडीपी ) के दफ्तर पर तिरंगा फहरा दिया। पीडीपी का दफ्तर गाँधी नगर जम्मू में है.

अपने साथियों संग पीडीपी के दफ्तर पर तिरंगा लहराने वाले सिख युवक अमनदीप सिंह बोपाराय ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू कश्मीर किसी के बाप की जागीर नहीं है, उन्होंने पीडीपी के दफ्तर पर तिरंगा फहराते हुए तस्वीर भी अपने ट्विटर पर शेयर की है.

अमनदीप सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, कहा था ना महबूबा मुफ्ती जम्मू में तिरंगा ही चलेगा, लो तुम्हारे दफ्तर पर भी लगा दिया, जय हिंद। एक न्य ट्वीट में अमनदीप ने लिखा, सुनों महबूबा मुफ्ती, हम जम्मू के हैं, हम फक्र से तिरंगा लहराएंगे, जम्मू कश्मीर किसी के बाप की जागीर नहीं। जय हिंद, जय भारत।

आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके कहा कि जब तक जम्मू कश्मीर में उसका संविधान और झंडा लागू नहीं किया जाता, वे किसी भी दूसरे झंडे को न ही हाथ लगाएंगी और न ही सलाम करेंगी। उनका इशारा भारतीय तिरंगे की ओर था।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जिन्होंने हमसे हमारा हक छीना है, उन्हें हमारा हक लौटाना है। मैं अपने लोगों को जम्मू कश्मीर की अवाम को इसका यकीन दिलाती हूं। महबूबा मुफ्ती ने इस दौरान चुनावी सियासत से दूर रहने का एलान करते हुए कहा कि जब तक हमें हमारा संविधान और झंडा नहीं लौटाया जाएगा, हम किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।

14 महीने की हिरासत के बाद रिहा हुई महबूबा मुफ्ती ने फिर से जहर उगलना शुरू कर दिया है. बताते चलें कि जम्मू कश्मीर में अब कश्मीरी झंडा तभी लग सकता है जब धारा 370 बहाल होगी, मोदी सरकार में ये असम्भव है।