करौली: गहलोत सरकार ने नहीं मानी मृतक पुजारी के परिवार की एक भी मांगे

राजस्थान में करौली के सपोटरा गांव में एक गरीब पुजारी की ज़िंदा जलाकर ह्त्या कर दी गई थी दो-तीन दिन पहले, इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश है, मृतक पुजारी का परिवार बहुत गरीब है, परिवार ने अशोक गहलोत सरकार के सामने कुछ मांगे रखी थी जिसे सरकार ने नहीं माना।

पुजारी के परिवार की मांग यह थी कि 50 लाख मुवावजा और एक सरकारी नौकरी दी जाय, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके अलावा परिवार ने सुरक्षा की भी मांग की है क्योंकि आरोपी अभी भी धमकी दे रहे हैं.

गहलोत सरकार ने मृतक पुजारी बाबूलाल वैष्णव के परिवार की मांगे या तो नहीं मानी और जो मानी भी वो अधूरी, गहलोत सरकार ने 50 की जगह 10 लाख का मुवावजा देने की बात कही है, सरकारी नौकरी की जगह संविदा पर नौकरी देने की बात कर रही है जिससे परिवार खुश नहीं ही, इसके अलावा सरकार ने परिवार को सुरक्षा देने की बात नहीं कही है. काफी ज्यादा दबाव के बाद गहलोत सरकार के एक मंत्री आज पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।

मृतक पुजारी के परिवार का कहना है कि आरोपी हमें धमकी दे रहे हैं और अगर हमें सुरक्षा नहीं दी गई तो आगे भी हमारे साथ ऐसी ही अनहोनी हो सकती है, हम कहाँ जाएँ, क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा है.

बता दें कि राजस्थान के करौली में दबंगों ने पुजारी के ऊपर पहले पेट्रोल छिड़का, फिर आग लगा दी. जयपुर के सवाई माधो सिंह अस्पताल में पुजारी की मौत हो गई. इसके बाद से राजस्थान की सियासत गरम है. बहरहाल, राजस्थान पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, आरोपी पुजारी की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे पुजारी ने इसका विरोध किया बदले में आरोपियों ने पुजारी को ज़िंदा जला दिया।