राहुल गांधी फिर बने हंसी के पात्र, CSIR ने कहा- अच्छी तरह स्थापित है हवा से पानी निकालने की तकनीक

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपनें बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं, अब राहुल गांधी पीएम मोदी पर निशाना साधने के चक्कर में एक बार फिर हंसी के पात्र बन गए हैं।

दरअसल पीएम मोदी ने कहा था कि हवा से पानी को एक्सट्रैक्ट करना मुमकिन है, पीएम मोदी के इस बयान का राहुल गांधी ने शुक्रवार को मजाक उड़ाया था। अब शुक्रवार को ही काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने वातावरण से पानी को संघनित कर पेय जल उपलब्ध कराने के लिए मैत्री एक्वाटेक के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर दस्तखत किए हैं।

सीएसआईआर ने ट्वीट किया, ‘एटमॉस्फेरिक वॉटर जेनरेटर मेथड अच्छी तरह स्थापित है और पेय जल उपलब्ध कराने के लिए हवा से पानी निकालने का काम जारी है। सीएसआईआर ने मैत्री एक्वाटेक के साथ एमओयू साइन किया है और जॉइंट पेटेंट हासिल किया है।

रेलवे स्टेशनों आदि पर मेघदूत एडब्लूजी लगे हैं।’ CSIR ने अपने ट्वीट में पीएमओ इंडिया, नरेंद्र मोदी और सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक अडवाइजर को भी टैग किया है। मेघदूत एडब्लूजी के जरिए हवा में मौजूद नमी को सोखकर पेय जल बनाया जाता है। CSIR ने हवा से पानी कैसे निकलता है, इसे समझाते हुए एक ग्राफिक्स भी शेयर किया है।

राहुल गांधी ने डेनमार्क के प्रधानमंत्री के साथ पीएम मोदी की बातचीत का एक हिस्सा साझा करते हुए तंज कसा था। उन्होंने लिखा, असली खतरा यह नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री समझते नहीं। सच तो यह है कि उनके आस-पास के किसी शख्स में यह कहने की हिम्मत नहीं है।

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