ज़िंदा जलाकर की गई पुजारी की ह्त्या, आत्मदाह साबित करने की कोशिश में जुटी राजस्थान पुलिस

राजस्थान में करौली जिले के बूकना गाँव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद में पुजारी बाबूलाल वैष्णव को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। पुजारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्भायपूर्ण घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश है, इससे भी ज्यादा दुर्भायपूर्ण राजस्थान पुलिस का रवैया है, जी हाँ!

आजतक के मुताबिक़, राजस्थान पुलिस ज़िंदा जलाये गए पुजारी को आत्मदाह साबित करने में जुट गई, यही नहीं शव का जबरन अंतिम संस्कार भी करना चाहती है, अगर राजस्थान पुलिस आत्मदाह साबित कर देगी तो राजस्थान की कांग्रेस सरकार को पीड़ित परिवार को मुवावजा नहीं देना पड़ेगा।

आपको बता दें कि मृतक पुजारी के परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है. पुजारी बाबूलाल के परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुजारी के रिश्तेदार ललित ने कहा, ‘जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम दाह संस्कार नहीं करेंगे. हम चाहते हैं कि 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी मिले. सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आरोपियों का समर्थन करने वाले पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. हम सुरक्षा चाहते हैं।

बताया जाता है कि बुधवार शाम को कैलाश, शंकर, नमो, किशन, रामलखन जमीन पर कब्जा कर छप्पर तानने लग गए। बुजुर्ग पुजारी ने उन्हे रोकने का प्रयास किया तो आरोपितों ने पेट्रोल की बोतल डालकर आग लगा दी। इससे पुजारी बुरी तरह झुलस गए। गंभीर स्थिति में पुजारी को जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुख्य आरोपित को गिरफ्तार करने के साथ ही अन्य आरोपितों की तलाशी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम गठित की गई है।