UP में भी फ़्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं मुस्लिम लोग लेकिन दिमाग में गूंज रहे हैं योगी आदित्यनाथ

फ़्रांस में एक हफ्ते के भीतर 4 फ्रेंच नागरिकों की ह्त्या की जा चुकी है, एक मुस्लिम सख्श ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने पर शिक्षक का सर कलम कर दिया तो एक ने अल्लाह-हु अकबर चिल्लाते हुए चर्च में घुसकर एक महिला का गला रेता और दो लोगों की चाकू से मारकर ह्त्या कर दी, इन दोनों घटनाओं को फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों ने इस्लामिक आतंकवाद करार दिया है. साथ ही उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद के विरुद्ध जंग भी छेड़ दी है, भारत ने भी फ़्रांस का समर्थन करने का ऐलान किया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के बयान के बाद भारत के कई राज्यों के मुस्लिम उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, मध्यप्रदेश के भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हजारों की संख्या में मुस्लिम लोग एकत्र हुए और फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी तरह हैदराबाद और मुंबई भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बताया जा रहा है कि फ़्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुस्लिम भी विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, जब-जब प्रदर्शन करने का प्लान तैयार करते हैं तब-तब अचानक दिमाग में योगी आदित्यनाथ का ख्याल आ जाता है और कैंसिल कर देते हैं. इसके पीछे एक बड़ी वजह है।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में उत्तर प्रदेश में दंगा-आगजनी करने वाले उपद्रवियों की सम्पति जब करने का आदेश दिया था, CAA के वक्त हुई नीलामी की भरपाई ही अभी नही हो पाई है, इसलिए अभी दूसरे का जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं मुस्लिम समुदाय के लोग, फ़्रांस के राष्ट्रपति के प्रति अंदर-अंदर ही कौंध रहे हैं लेकिन बाहर गुस्सा नहीं दिखा पा रहे हैं, अगर बाहर गुस्सा दिखाने की हिमाकत किये तो सीएम योगी पहले सम्पत्ति जब्त करने का आदेश देंगे और पोस्टर चौराहे पे टंगवा देंगे। CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसा हो चुका है।