मुंगेर: झूठा बोल फंस गई SP लिपि सिंह, पुलिस ने ही की थी निहत्थे लोगों पर फायरिंग, ये रही रिपोर्ट

बिहार के मुंगेर में दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे हिन्दुओं पर पुलिस ने गोलियाँ चला दी, इस घटना के बाद देशभर में गुस्सा था, गोली लगने से एक नौजवान की जान चली गई जबकी आधा दर्जन लोग घायल हो गए, पुलिस-प्रसाशन के इस बर्बरतापूर्ण रवैये से लोगों में काफी गुस्सा है…इस वीभत्स घटना के बाद जिले की एसपी लिपि सिंह ने दावा किया था कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी जबकि CISF ने एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें लिपि सिंह का दावा झूठा साबित हो रहा है, अगर सही जाँच हुई तो लिपि सिंह फंस सकती हैं।

मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा पर सीआईएसएफ रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं, इस रिपोर्ट के मुताबिक, उपद्रव के दौरान युवक की मौत पुलिस की फायरिंग से हुई थी। गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व एसपी लिपि सिंह ने दावा किया था कि उपद्रव कर रहे लोगों की ही गोली से युवक की जान गई थी।

सीआईएसएफ की रिपोर्ट के मुताबिक 26 अक्तूबर की रात 11:20 बजे CISF के 20 जवानों की टुकड़ी मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा ड्यूटी के लिए जिला स्कूल स्थित कैंप से गई थी। बिहार पुलिस के आदेश पर इन 20 जवानों को 10-10 की दो टुकड़ी में बांट दिया गया। एक टुकड़ी को एसएसबी और बिहार पुलिस के जवानों के साथ दीनदयाल उपाध्याय चौक पर तैनात किया गया था। रात 11:45 बजे श्रद्धालुओं और स्‍थानीय पुलिस के बीच विवाद होने लगा। देखते ही देखते माहौल काफी गर्म हो गया। वहां पुलिस और सुरक्षाबलों पर पथराव होने लगा। इसके बाद पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस पर भीड़ और भड़क गई और तेजी से पत्‍थरबाजी करने लगी। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग की।

मुंगेर गोलीकांड को लेकर गुरुवार को भड़की भीड़ ने एसपी और एसडीओ कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की थी। इस दौरान कई सरकारी गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया गया था। गुरुवार के उपद्रव के बाद निर्वाचन आयोग ने डीएम राजेश मीणा और एसपी लिपि सिंह को हटा दिया था। उनकी जगह डीएम रचना पाटिल और एसपी मानवजीत सिंह ढिल्‍लों को तैनात किया गया है। दोनों अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मुंगेर में फिलहाल शांति है।