महाराष्ट्र: खुद को हिंदूवादी कहने वाली शिवसेना ने खोल दिए दारु के ठेके और बार लेकिन मंदिर नही खोला

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ शिवसेना हमेशा से खुद को हिंदूवादी पार्टी कहते आई है, शिवसेना की राजनीति भी हिंदुत्व के इर्द-गिर्द ही घूमती थी लेकिन जबसे शिवसेना ने कांग्रेस से हाथ मिलाया तबसे शिवसेना की पूरी विचारधारा ही बदल गई, जी हाँ! इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार ने दारू के ठेके और बार खोलने की इजाजत दी है लेकिन मंदिर खुलने की इजाजत नहीं दी है।

बीजेपी और आम जनता सड़कों पर शिवसेना सरकार से मंदिर खोलने की मांग कर रहे हैं, मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिद्धी विनायक मंदिर से सामने प्रदर्शन किया और मांग की कि पूरे प्रदेश में मंदिर खोले जाने चाहिए। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में पब और मॉल खुल सकते हैं तो मंदिर क्यों नहीं। इसी मुद्दे पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के बाद से ही महाराष्ट्र में मंदिर बंद हैं, हालाँकि अनलॉक होने के बाद देश के अधिकतर राज्यों में सभी गतिविधियां चालू होने के साथ कुछ शर्तों के साथ मंदिरों को भी खोल दिया गया, लेकिन महाराष्ट्र में मंदिर अभी तक नहीं खुले जबकि दारू के ठेके और बार खुले हैं. आम जनता का कहना है कि शिवसेना खुद को हिंदूवादी कहती है लेकिन वही शिवसेना मंदिर खुलने नहीं दे रही है।

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