हाथरस काण्ड पर ममता बनर्जी ने शुरू की राजनीति, बंगाल काण्ड पर खामोश

हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक 19 वर्षीय बच्ची के साथ बर्बरता हुई थी, ईलाज के दौरान दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई, हालांकि वामपंथी मीडिया ने इस घटना में गैंगरेप का भी ऐंगल जोड़ दिया लेकिन मेडिकल व् पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई, अब हाथरस काण्ड पर राजनीति शुरू हो गई है। हैरानी की बात यह है कि हाथरस काण्ड पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसी नेता भी राजनीति कर रही हैं। जबकि बंगाल में ऐसी घटनाएं होती हैं तो खामोश हो जाती है।

हाथरस पुलिस और जिला-प्रसाशन द्वारा पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार किये जाने पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी तुलना माँ सीता से कर दी,

ममता ने कहा, एक बार देवी सीता को अग्नि- परीक्षा से गुजरना पड़ा था। अब उत्तर प्रदेश में दलित युवती के साथ दुष्कर्म किया गया और उसके शव को अग्नि के हवाले कर दिया गया। उन्होंने कहा, अगर कोई अपराध होता है तो कार्रवाई 72 घंटे के अंदर होनी चाहिए।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल से हफ्ते में औसतन लगभग 2-3 रेप-गैंगरेप की घटनाएं आती हैं, ममता बनर्जी उसपर खामोश हो जाती हैं, उनकी पुलिस भी बचाने का भरसक प्रयास करती है और अंत में सफल भी हो जाती है, चूँकि बंगाल हिंदी भाषी राज्य नहीं है इसलिए हिन्दीभाषी मीडिया बंगाल की घटनाओं को कम ही कवर करती है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिये बंगाल की ममता सरकार की सच्चाई सामने आती रहती है।

हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में दुष्कर्म और ह्त्या आम बात हो गई इसको रोकने के बजाय सूबे की मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की घटना पर राजनीति कर रही हैं।