भारतीय व्यापारियों ने चीन को दी 40 हजार करोड़ की चोट, दिवाली के लिए नहीं ख़रीदे चाइनीज सामान

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: गलवान घाटी में चीन के धोखे के बाद भारतीय सेना LAC पर मोर्चा सम्भाल रही है तो वहीं अब भारत के व्यापारी और देश की सरकार भी चाइना को चोट पहुंचानें में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक़, भारतीय व्यापारियों ने इस बार दिवाली पर बेंचने के लिए चाइनीज सामानों का आर्डर नहीं क़िया, मॉर्केट में सिर्फ ‘मेड इन इंडिया’ के सामान बिक रहे हैं.

भारतीय व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स” (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि हर साल भारत में दिवाली के मौके पर करीब 70 हजार करोड़ का कारोबार होता है. इसका करीब 60 फीसदी यानी करीब 40 हजार करोड़ रुपये का सामान बीते वर्षों में चीन से आयात होता आ रहा है. लेकिन इस बार चीनी सामान नहीं लाया जाएगा। भारतीय व्यापारियों द्वारा उठाये गए इस कदम से आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

आपको बता दें कि कैट से जुड़े देशभर के सात करोड़ व्यापारियों ने रक्षाबंधन पर चीनी राखी का बहिष्कार कर दिया था, भारत की बनी राखी को सेल किया था, चीन की कायरता के बाद पूरे देश में गुस्सा है।

न्यूज़ नेशन के मुताबिक, नेहरू प्लेस में दिवाली पर बिकने वाले माल की कोई कमी नहीं है लेकिन ये माल चीन के नहीं बल्कि हिंदुस्तान के बने हुए हैं, आपको बता दें कि दिल्ली में मौजूद नेहरू प्लेस एशिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक मार्केट्स में से एक है. इस बार इस बाजार में चीनी सामान नदारद हैंऔर भारतीय सामानों का बोलबाला है… मोदी सरकार की नीति और भारतीयों के मजबूत इरादों ने मेक इन इंडिया को मेड इन चाइना पर हावी कर दिया है, इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा और चीन की आर्थिक तौर पर कमर भी टूटेगी।

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