हाथरस के पीड़ित परिवार का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है अम्बेडकर का परपोता, 250 दलित परिवारों से छुड़वाएगा हिन्दू धर्म

संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के परपोते और बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजरत्न अम्बेडकर हाथरस केस के पीड़ित परिवार का धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है, उन्हें हिन्दू धर्म छोड़ने को कह रहा है. उल्लेखनीय है कि हाथरस में चंदपा थानाक्षेत्र के बुलगढ़ी गाँव में 14 सितंबर को एक 19 वर्षीय दलित युवती के साथ मारपीट की घटना हुई थी, युवती और उसके परिवार ने थाने में मारपीट का ही मामला दर्ज कराया था लेकिन आठ दिन बाद दुष्कर्म का केस दर्ज कराया और पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस केस को लेकर राजनीति अपने चरम पर है।

पीड़ित परिवार से मिलने के लिए राजनैतिक पार्टियों और दलित संगठनों का तांता लगा है, इसी कड़ी में राजरत्न अम्बेडकर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होनें परिवार से हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धम्म अपनाने को कहा है, इसकी जानकारी खुद राजरत्न अम्बेडकर अपने फेसबुक पोस्ट के जरिये दी है। राजरत्न अम्बेडकर 14 अक्टूबर 2020 को लगभग 250 दलित परिवारों को हिन्दू धर्म छुडवाएंगें।

बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजरत्न अम्बेडकर अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है – हमने तो सिर्फ एक बाल्मीकि परिवार को हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धम्म अपनाने की बात कही थी, लेकिन अब, 14 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश में 250 बाल्मीकि परिवार दी बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के नेतृत्व में लेंगे बौद्ध धम्म की दीक्षा।

राजरत्न आगे लिखते हैं – संस्था की ओर से सभी दीक्षा लेने वालों को बौद्ध होने का प्रमाणपत्र, और आप सभी लोगों ने दिए हुए आर्थिक सहयोग से डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जी द्वारा लिखित “बुद्ध और उनका धम्म” ये ग्रंथ और बुद्ध की प्रतिमा इन सभी बौद्ध अनुयायियों को भेंट दे रहे है। सामाजिक क्रांति का बिगुल अब बज चुका है। 14 अक्टूबर को सिर्फ 250 परिवार बौद्ध धम्म की दीक्षा ले रहे है, लेकिन आने वाली 14 अप्रैल, २०२१ को एक लाख बाल्मीकि समुदाय के लोग बौद्ध धम्म की दीक्षा लेने जा रहे है।

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