हाईकोर्ट में हुई हाथरस केस की सुनवाई, पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा ने रखी 3 मांगें

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सोमवार को हाथरस केस की सुनवाई हुई, जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस पंकज मित्तल और राजन रॉय की पीठ ने दोपहर बाद मामलें की सुनवाई की इस दौरान कोर्ट में पीड़िता का परिवार भी मौजूद था, पीड़िता की तरफ से वकील सीमा कुशवाहा पेश हुई थी. इस दौरान सीमा ने कोर्ट के सामने तीन मांगी रखी. उन्होनें कहा कि परिवार ने मांग की है कि सीबीआई की रिपोर्ट को गोपनीय रखा जाए. दूसरी मांग थी कि मामला यूपी से बाहर ट्रांसफर किया जाए और तीसरी मांग यह है कि मामला जब तक पूरी तरह से खत्म नहीं होता तब तक परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए.

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाइकोर्ट की की लखनऊ पीठ ने बीते एक अक्टूबर को हाथरस कांड का स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हाथरस को घटना के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए 12 अक्टूबर को अदालत में तलब किया था, अब इस मामलें की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

गौरतलब है कि 14 सितंबर को हाथरस में चंदपा थानाक्षेत्र के बुलगढ़ी गाँव में एक 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ मारपीट हुई, शुरुवाती शिकायत में पीड़िता ने मारपीट का केस दर्ज कराया था, घटना के आठ दिन बाद कुछ नेताओं के दखल देने के बाद मारपीट से मामला गैंगरेप में बदल गया, पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज करके 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन 4 युवकों को पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है, उनमें से तीन युवक तो घटनास्थल पर थे ही नहीं है, जबकि मुख्य आरोपी संदीप के भी घटनास्थल पर होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, सीबीआई अब इस केस की जांच शुरू कर चुकी है, सीएम द्वारा गठित एसआईटी भी इस केस की जांच कर रही है, जो 10 दिन बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।