हाथरस केस: सामने आई संदिग्ध महिला, कहा- मैं नहीं हूँ नक्सली, पीड़ित परिवार की मदद करने आई थी

हाथरस, 10 अक्टूबर: हाथरस केस में नक्सल कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि पीड़िता के घर में भाभी बनकर रह रही महिला नक्सली है, एसआईटी की टीम मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली इस महिला की तलाश में जुटी है. इसी बीच नक्सली होने का आरोप लगने पर प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमारी बंसल मीडिया के सामने एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि मेरा नक्सल से कोई रिश्ता नहीं है, मैं केवल आत्मीयता के तौर पर हाथरस गैंगरेप पीड़िता के घर गई थी।

राजकुमारी बंसल ने बताया कि उनको अच्छा लगा कि हमारे समाज की एक लड़की इतने दूर से आई है तो उन्होंने कहा कि बेटा एक दो दिन रूक जाओ, तो मैं रूक गई. उन्होंने कहा कि मैं पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी. उधर, एसआईटी की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए महिला ने कहा कि पहले सबूत पेश करें. वहीं बोलना और आरोप लगाना बहुत आसान होता है।

पेशे से मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने कहा कि मुझे लगा के मेरे नंबर के साथ टेंपरिंग की जा रही हैं. मैने फौरन साइबर पुलिस में रिपोर्ट की है। ये मेरे मान सम्मान की बात है. कैसे मुझे नक्सल कहा गया। आरोपी महिला ने कहा कि मैने भाभी बनकर कभी इन्टर्व्यू नहीं दिया, मैने कहा कि मैं बेटी हूँ।

बता दें कि एसआईटी की जांच में सामने आया है कि 16 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक पीड़िता के घर में रहकर नक्सली महिला बड़ी साजिश रच रही थी. इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस केस से जुड़े फंडिंग मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और भीम आर्मी के लिंक भी मिले हैं।