हाथरस केस: योगी सरकार का एक्शन शुरू, एक पत्रकार और राजनेता के खिलाफ दर्ज हुआ राजद्रोह का केस

हाथरस, 6 अक्टूबर: हाथरस केस में न सिर्फ राजनीति हो रही है बल्कि जमकर जातीय नफरत भी फैलाई जा रही है, इसमें कुछ मीडिया संस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। दूध को दूध और पानी को पानी करने के लिए योगी सरकार ने इस मामलें को सीबीआई को सौंप दिया है। पीडिता का परिवार मना करता रहा पर सरकार ने फिर भी केस सीबीआई को सौंप दिया ताकि दोषी को सजा मिल सके और निर्दोष बच सके।

हाथरस केस में जातीय नफरत फैलाने वालों के खिलाफ अब योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है, इसी कड़ी में एक पत्रकार और एक राजनेता के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ है.

दोनों के खिलाफ अज्ञात के रूप में मुकदमा लिखवाया गया है। इन सभी पर लोगों को उकसाने, आपराधिक साजिश रचने और हाथरस कांड पर अफवाह फैलाने की धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। इन सभी पर हाथरस के चंदप्पा थाने में केस दर्ज हुआ है।

शिकायत में कहा गया था कि पीड़िता के परिवार पर गलत बयान देने का दबाव था और उन्हें एक राजनेता की ओर से 50 लाख रुपये देने का वादा भी किया गया था। इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक पत्रकार की ओर से पीड़िता के भाई को यह कहा गया था कि वह अपने पिता को मीडिया में बयान देने के लिए मनाए। साथ ही वह अपने पिता को यह कहने के लिए कहे कि वह सरकार की कार्रवाई से खुश नहीं हैं।

शिकायत में कहा गया था कि असामाजिक तत्व सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने के लिए सरकार के खिलाफ सुनियोजित साजिश कर रहे हैं। दर्ज की गई एफआईआर में आईपीसी की धारा 124-ए, 153-ए, 153-बी, 195 और 195-ए को जोड़ा गया है।  आपको बता दें कि हाथरस केस में कुछ मीडिया संस्थान ने एकतरफा और उकसावे वाली रिपोर्टिंग की, ये सब एजेंडा के तहत हो रहा था, इसके पीछे कौन था जल ही इसका भी खुलासा हो जाएगा।