इस्लामिक हमलों से हार नहीं मानेगा फ़्रांस, इस्लामिक आतंकवाद जड़ से मिटा देंगे: राष्ट्रपति मैक्रो

फ़्रांस में इन दिनों फ्रेंच नागरिकों पर वीभत्स हमले हो रहे हैं, कभी पैगंबर मुहम्मद का कार्टून दिखाने पर शिक्षक का गला काट दिया जाता है तो कभी चर्च में घुसकर सरेआम लोगों की ह्त्या कर दी जाती है. दोनों घटनाओं को फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने इस्लामिक आतंकवाद करार दिया है, राष्ट्रपति ने कहा कि फ्रांस पर हमला देश के आजादी के मूल्य और आतंक के सामने नहीं झुकने की इच्छा की वजह से किया गया है। यही नहीं, उन्होंने यहां तक कहा है कि फ्रांस इस्लामिक आतंकी हमले के बाद अपने मूल्यों को छोड़ेगा नहीं।

नीस में हुए हमले के बाद मैक्रों गुरुवार को यहां पहुंचे और ऐलान किया कि फ्रांस अब देश के प्रमुख स्थानों पर सैनिकों को तैनात करेगा। इनमें स्कूल और धार्मिक स्थान होंगे। सैनिकों की संख्या तीन हजार से बढ़ाकर सात हजार कर दी जाएगी। इससे पहले मैक्रों ने पेरिस में मारे गए टीचर सैम्युअल पैटी का समर्थन किया था और देश में अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित करने की बात कही।

मैक्रों ने कहा था कि फ्रांस अपनी धर्मनिरपेक्ष परंपराओं और कानूनों का पालन करता रहेगा जिनमें अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित की गई है। इसके जरिए शार्ली एब्दो को भी पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाने की आजादी मिलती है जिससे यह बवाल शुरू हुआ था। राष्ट्रपति मैक्रो ने कहा कि इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से मिटाकर ही दम लेंगे।

आपको बता दें फ्रांस के नीस में एक शख्स ने अल्लाह हु अकबर चिल्लाते हुए चर्च में घुसकर एक महिला का गला काट दिया, दो अन्य लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ़्रांस का साथ देने का ऐलान किया।

हालांकि इस्लामिक आतांकवाद कहने से कुछ इस्लामिक मुल्क बिलबिला उठा हैं और फ्रेंच सामानों को बॉयकॉट करने की मुहिम चला रहे हैं, इसमें प्रमुख रूप से तुर्की, पाकिस्तान, ईरान समेत कई इस्लामिक मुल्क शामिल हैं।