तुर्की के राष्ट्रपति ने उगला जहर तो एक्शन में आये फ़्रांस के राष्ट्रपति, लिया ये बड़ा एक्शन!

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्लामिक आतंकवाद संबंधी बयान को लेकर मुस्लिम देशों ने फ्रांस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. फ्रांस की उत्पादों के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ती जा रही है, इसी बीच इस्लामिक मुल्क तुर्की ने जहर उगलते हुए फ्रांस के प्रोडक्ट को बहिष्कार करने की अपील की है।

इस्लामिक मुल्क तुर्की ने सोमवार को सभी देशों से अपील की थी कि वे फ्रांस निर्मित सामान का बहिष्कार करें. तुर्की का कहना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस्लाम का अपमान किया है।

इसके जवाब में, फ्रांस सरकार ने इस अपील को कट्टरवादी सोच का नतीजा बताया था और तुर्की से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. साथ ही फ़्रांस सरकार ने यह भी साफ़ कर दिया है कि हम झुकने वाले नहीं हैं।

दरअसल सीरिया के युद्ध से ही तुर्की और फ्रांस के बीच रिश्ते खराब हो गए थे और अब नार्गोनो काराबाख के युद्ध के दौरान भी दोनों देश खुलकर एक दूसरे आरोप लगाते दिखाई दिए हैं. इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ट्वीट कर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था. जिसका फ़्रांस सरकार माकूल जवाब दिया था।

दरअसल, 16 अक्टूबर को एक 18 वर्षीय मुस्लिम छात्र ने टीचर सैमुअल पैटी का गला काट दिया गया था, टीचर का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होनें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाते हुए छात्रों को पैगंबर मोहम्मद कार्टून दिखाया था।

टीचर की ह्त्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने टीचर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे इस्लामिक आतंकवाद करार दिया था. तब से ही मुस्लिम देशों में फ्रांस के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं और फ्रांस प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का अभियान चलाया जा रहा है।