कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF ने जमात-ए-इस्लामी से किया गठबंधन, भारत को इस्लामी देश बनाना चाहती है जमात

केरल में निकाय चुनाव होने वाले हैं, इस चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाली UDF ने जमात-ए-इस्लामी के राजनीतिक धड़े वेल्फेयर पार्टी ऑफ इंडिया ( WPI ) के साथ गठबंधन किया है। आपको बता दें कि यह वही जमात-ए-इस्लामी है जो भारत को इस्लामी देश बनाना चाहती है। UDF ने WPI के गठबंधन के बाद CPM ने कांग्रेस पर सांप्रदायिक मूल्यों को ताक पर रखने का आरोप लगाया है।

सीपीएम के पोलित ब्यूरो मेंबर और राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने बताया, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) पहले जमात-ए-इस्लामी का विरोध करता था लेकिन अब उसे काम करने में कोई दिक्कत नहीं है। कांग्रेस ने वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया (WPI) के साथ आने का फैसला किया है, जिसके परिणाम गंभीर होंगे।

बालाकृष्णन ने कहा, जमात ने इस्तांबुल में हागिया सोफिया म्यूजियम को मस्जिद में बदले जाने का समर्थन भी किया था। पहले UDF की अगुवाई ओमान चांडी, पी.के. कुनहालीकुट्टी, के. मणि जैसे नेता करते थे। लेकिन अब इसकी चाभी एम.एम. हसन और जमात के आमिर जैसे लोगों के हाथों में है।

केरल के ईसाई संगठनों में हागिया सोफिया वाले मुद्दे के साथ ही जमात के साथ गठबंधन को लेकर IUML के प्रति नाराजगी है।