बेंगलुरु में कांग्रेस के दलित MLA का घर तक जला दिया, तब कहाँ था राहुल-प्रियंका का दलित प्रेम

हाथरस केस को लेकर इस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी काफी सक्रिय हैं, दोनों खुद को दलितों का हितैषी साबित करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, राहुल-प्रियंका का कहना है कि हम दलितों के साथ अन्याय नहीं होने देंगें, उनके समर्थन में आवाज उठाएंगें। हालाँकि अब से 2 महीनें पहले मुस्लिमों ने बेंगलुरु में कांग्रेस के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति का घर फूंक दिया था उस समय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का दलित प्रेम नहीं जागा। लेकिन हाथरस केस में दलित हितैषी बने हैं।

आपको बता दें कि कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात को 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। अपनें विधायक पर हमला होनें, घर जलाये जानें के बावजूद राहुल-प्रियंका खामोश रहे.

मुस्लिम दंगाइयों के खिलाफ बोलना तो दूर की बात राहुल-प्रियंका ने ट्वीट कर अपनें विधायक पर हुए जानलेवा हमलें की निंदा तक नहीं की, देश के हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखनें वाली सोनिया गांधी खामोश रही, हर घटना पर वीडियो पोस्ट करने वाले राहुल गांधी बिल्कुल चुप थे? देश में हर ख़बर पर ट्वीट करने वाली प्रियंका तो एकदम खामोश थी, ऐसा लग रहा था कि जैसे गांधी परिवार को पता ही नहीं था कि बेंगलुरु में हुआ क्या है, अनजान बन रहे. हालाँकि पता सब था लेकिन बात वही है न वोटबैंक की लालच। इसलिए अपनी ही पार्टी के विधायक के पक्ष में बोलने से डर रहे थे, लेकिन हाथरस में जमकर राजनीति कर रहे हैं। दलितों के हितेसी बन रहे हैं। जो अपनी पार्टी के दलित विधायक के साथ नहीं खड़ा हो सकता है, वो अन्य दलितों का हितैसी कैसे हो सकता है?