UP में जातीय हिंसा फैला योगी सरकार को बदनाम करने के लिए अतीक-मुख़्तार-आजम ने मीडिया को की 100 करोड़ की फंडिंग: वकील का दावा

हाथरस मामलें पर राजनीति अपने चरम पर है, इस मामलें पर गटरछाप आंसू बहाने वाले नेता तो सवालों के घेरे में हैं ही साथ ही इस केस को कवर करने वाली मीडिया की भी भूमिका न सिर्फ संदिग्ध लग रही है बल्कि एजेंडापूर्ण लग रही है. इन सबके बीच सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने बड़ा खुलासा किया है, वकील का दावा है कि यूपी में जातीय हिंसा फैलाकर योगी सरकार को बदनाम करने के लिए अतीक-मुख़्तार-आजम ने मीडिया को सैकड़ों करोड़ की फंडिंग की है.

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा, हाथरस मामले में योगी सरकार के खिलाफ नकारात्मक रिपोर्टिंग के लिए अतीक अहमद, मुख़्तार अंसारी और आजम खान समेत बड़े माफिया-अपराधियों और समुदाय के संगठनों नें 100 करोड़ फंड मीडिया को किया है। प्रशांत अपने ट्वीट में आगे लिखते हैं कि UP में जातीय हिंसा का षड्यंत्र करने वाले राजनीतिक गिद्धों और मीडिया गिद्धों पर होगी कार्यवाही।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में जातिवादी राजनीति हो रही है, इसके जरिये विपक्षी पार्टियों अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए एक दूसरे की जाति के खिलाफ जहर बो रही हैं, इसमें मीडिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, कभी ठाकुर बनाम ब्राह्मण कर दिया जाता है तो कभी ठाकुर बनाम दलित तो कभी सवर्ण बनाम अन्य जातियों को कर दिया जाता है. ऐसा करके समाज के हर वर्ग को तोड़ने की साजिश रची जा रही है.

आपको बता दें कि जबसे योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है तबसे, अपराधियों-बलात्कारियों, माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही की है है इसको लेकर सभी अपराधी भयभीत हैं, इसलिए मीडिया को फंडिंग करके सरकार के खिलाफ माहौल बनाना चाह रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि साजिश के तहत CAA के विरुद्ध उत्तर प्रदेश में दंगा करने वाले दंगाइयों को योगी सरकार ने कानून के जरिये तबाह कर दिया, चौराहे पर पोस्टर लगवाकर जुर्माना वसूला। हत्यारों, लव जेहादियों, गोहत्यारों और रेपिस्टौं पर NSA लगाया, खूंखार बदमाशों का सफाया कराया, लूला लंगड़ा बनाया, जमातियों का ‘माकूल इलाज’ कराया, मुख़्तार अतीक जैसों का क़िला ढहाया जाहिर है जबरदस्त साज़िश तो होनी ही थी योगी सरकार के खिलाफ।

जिस अतीक अहमद मुख्तार अंसारी से पुलिस डरती थी, योगी सरकार में होमगार्डों ने खड़े होकर अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों के घर गिरवाए। आजम खान जेल में बंद ही है। योगी सरकार ने पूरी तरह अपराधियों पर नकेल कास दी है।