कॉंग्रेसियों को न कुटवाते योगी जी तो हाथरस में हो सकता था बड़ा दंगा, PFI और SDPI के मंसूबे फेल

हाथरस केस के जरिये कुछ राजनैतिक पार्टियों और कुछ इस्लामिक संगठन मिलकर यूपी में बड़ा दंगा करवाना चाह रहे थे लेकिन योगी जी की पुलिस ने शुरू में ही कांग्रेसियों पर लट्ठ बरसा के साफ़ संकेत दे दिया कि यहाँ कोई भी साजिश नहीं चलेगी।

उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि हाथरस के बहाने यूपी में जातीय दंगे भड़काने की साजिश रची गई थी, एक फर्जी वेबसाइट रातों रात बनायी गयी और इसके ज़रिए जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई. वेबसाइट तैयार कराने में PFI, SDPI जैसे कटटर इस्लामिक संगठनों ने अहम् भूमिका निभाई। ये दोनों संगठन दिल्ली दंगे में शामिल थे. हालाँकि यूपी पुलिस की सक्रियता से इन इस्लामिक संगठनों के मंसूबों पर पानी फिर गया.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुए दर्दनाक घटना पर सियासी बवाल जारी है, विपक्ष लगातार योगी सरकार को घेरने की कोशिश में है, जो भी पार्टियां हाथरस में अराजक माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं यूपी पुलिस उनको कायदे से प्रसाद दे रही है।

हाथरस, 5 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि एक षड्यंत्र और साजिश के तहत राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि हम सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं। कई एजेंसियां इस मामले में जांच कर रही हैं।

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पोस्टरों, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। ऐसे कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, इस संबंध में पहला मुकदमा हाथरस के चंदपा थाने में दर्ज हुआ है। यहां एक वायरल ऑडियो से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। बुलंदशहर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ कमिश्नरेट में कुल 13 एफआईआर दर्ज हुई हैं।