CPI ने दिखाया कन्हैया कुमार को ठेंगा, जूते-चप्पल, अंडे और मोबिल भी खाया, फिर भी..?

पटना, 5 अक्टूबर: 2019 लोकसभा में बेगूसराय से करारी शिकस्त खाने वाले कन्हैया कुमार को इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इण्डिया ( सीपीआई ) ने ठेंगा दिखा दिया है, मतलब की कन्हैया कुमार को टिकट नहीं दिया, टिकट के लिए कन्हैया कुमार काफी समय से मेहनत कर रहे थे, जनता की नाराजगी का भी सामना किये, यहाँ तक की जूते-चप्पल, अंडे, मोबिल और पत्थर तक खाये लेकिन फिर भी सीपीआई का दिल नहीं पसीजा और उन्हें टिकट नहीं दिया।

जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी करके सुर्ख़ियों में आये कन्हैया कुमार ने पिछले साल सीपीआई ज्वाइन कर ली, जोकि एक वामपंथी राजनैतिक पार्टी है, सीपीआई बिहार विधानसभा चुनाव आरजेडी के साथ मिलकर लड़ रही है और सोमवार को अपने सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए जिसमें कन्हैया कुमार का नाम शामिल नहीं है, बेगूसराय से लोकसभा चुनाव हार चुके कन्हैया के बछवाड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें थी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 6, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को 4 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीआई-एमएल) को 19 सीटें गठबंधन में मिली है। एक पार्टी सीपीआई-एमएल छोड़कर सभी ने अपने उम्मीदवारों की सूचि जारी कर दी।

2020 के शुरू से ही कन्हैया कुमार बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खासे एक्टिव रहे और अक्सर बताते रहे कि चुनावी मुद्दा क्या होने वाला है। कन्हैया कुमार CAA, NPR और NRC के विरोध में बिहार दौरे पर निकले थे और कई जगह उनको लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। कुछ जगहों पर तो जूते-चप्पल, अंडे, मोबिल और पत्थर वगैरह भी चले थे। कुछ जगहों पर ‘कॉमरेड कन्हैया मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए।