मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक की पत्रकार सागरिका को पूछताछ के लिए बुलाया, अर्नब भी पहुंचे साथ

मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह रिपब्लिक टीवी के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं, एन.एम् जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के 1000 मीडियाकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है, एंकर, रिपोर्टर किसी को नहीं छोड़ा गया है।

एफआईआर दर्ज करने के बाद मुंबई पुलिस रोजाना रिपब्लिक टीवी के एक-दो मीडियाकर्मियों को पूछताछ के लिए बुला रही है, आज मंगलवार ( 27 अक्टूबर, 2020 ) को मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक की आउटपुट एडिटर सागरिका मित्रा को पूछताछ के लिए बुलाया। एकजुटता दिखाते हुए मीडिया हाउस के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी भी उनके साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने पहले ही कह कह दिया है कि उद्धव ठाकरे सरकार की तानाशाही के विरुद्ध हम अपनी पूरी टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, अर्नब गोस्वामी अबतक 5 बार एन.एम् जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं। अर्नब ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के सामने हम आने वाले दिनों में सारी दलीलें रखेंगे और हमें विश्वास है कि कोर्ट न्याय करेगा

वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने उद्धव ठाकरे सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि झूठ के दम पर जो परमबीर के जरिये रिपब्लिक को परेशान कर रहे हो, फर्जी गवाह तैयार करवा रहे हो, हिम्मत हो तो गिरफ्तार करो. अर्नब गोस्वामी ने कहा कि परमबीर सिंह बदले की भावना से कार्यवाही कर रहे हैं लेकिन मैं और मेरी टीम इनसे डरने वाली नहीं है।, हम डटकर इनका मुकाबला करेंगे।

मुंबई पुलिस की तानाशाही की वजह से रिपब्लिक टीवी के पत्रकार आधे दिन पत्रकारिता करते हैं, आधे दिन पुलिस स्टेशन में बिताते हैं, फिर भी उद्धव ठाकरे सरकार के सामने घुटने नहीं टेक रहे हैं, अर्नब गोस्वामी और उनकी पूरी टीम को अपार जनसमर्थन भी मिल रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले परमबीर सिंह ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके रिपब्लिक टीवी का नाम टीआरपी घोटाले में घसीटा था लेकिन एफआईआर में रिपब्लिक का नाम नहीं है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी रिपब्लिक टीवी को क्लीन चिट दे दी है, कोर्ट में मुंबई पुलिस ने माना है कि एफआईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है।