हाथरस: CM योगी ने दिया नार्को टेस्ट का आदेश तो कांपे अखिलेश, कहा- पीड़ित परिवार का नार्को टेस्ट न हो

हाथरस मामलें में उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्‍त एक्‍शन लिया है. मामले में पुलिस के सीनियर अधिकारियों से लेकर निचले स्‍तर तक के पुलिस अधिकारियों पर सख्‍त कार्रवाई की है. सीएम योगी की कड़ी कार्यवाही से न सिर्फ पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है बल्कि विपक्ष की भी नींद उड़ गई है.

सीएम योगी ने हाथरस के एसपी, डीएसपी, इंस्‍पेक्‍टर और कुछ अन्‍य अधिकारियों को जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सस्‍पेंड करने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं, इन अफसरों और पुलिस अधिकारिया का नार्को टेस्‍ट भी होगा। जब से सीएम योगी ने नार्को टेस्ट की बात की है तबसे हाथरस पर राजनीति करने वालों के होश उड़ गए हैं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि पीड़ित परिवार का नार्को टेस्ट नहीं होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व् सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हाथरस कांड’ में मृतका के परिजनों का नहीं बल्कि उन अधिकारियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए जिन्होंने इस कांड को अंजाम दिया, जिससे ये सच उजागर हो कि उन्होंने किसके ‘महा-आदेश’ पर ऐसा किया। असली गुनाहगार कितनी भी परतें ओढ़ लें लेकिन एक दिन सच सामने आयेगा और आज की सत्ता का राज जाएगा।

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर को लापरवाही और शिथिलता के लिए सस्‍पेंड किया है. सीएम के निर्देश पर तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी रामशब्‍द को निलंबित किया गया है. इसके अलावा तत्‍कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, सब- इंस्‍पेक्‍टर जगवीर सिंह और हेड मोहर्रिर महेश पाल को भी निलंबित किया गया है. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी हाथरस मामलें पर जमकर राजनीती कर रही है.

आपको बता दें कि सीएम योगी के निर्देश के अनुसार, सस्‍पेंड किए गए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ सभी वादी/प्रतिवादी व्‍यक्‍त‍ियों का भी पॉलीग्राफ व नार्को टेस्‍ट कराए जाएगा।