एक बड़े न्यूज़ चैनल की नामी पत्रकार हुई कोरोना पॉजिटिव, हाथरस केस में कर रही थी एकतरफा रिपोर्टिंग

हाथरस केस के बहाने राजनैतिक पार्टियाँ जहाँ अपनी खोई हुई जमीन पाने की तलाश में हैं तो वहीँ मीडिया भी अपनी टीआरपी के चक्कर में हाथरस में झंडे गाड़कर बैठ गया है, कुछ न्यूज़ चैनलों के पत्रकार टीआरपी के चक्कर में इस कदर पागल हो गए हैं कि कोरोना का खौफ भी भूल गए हैं, न खुद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं न किसी को करने दे रहे हैं।

अगर नेता हाथरस पहुँच रहे हैं तो हजारों लाव-लश्कर के साथ, वहीं इन नेताओं के पहुँचते ही मीडिया के लोग इनकी बाइट लेने के लिए टूट पड़ते हैं, उस समय सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ जाती हैं, किसी को कोरोना का कोई खौफ नहीं रहता है, अब खबर आ रही है कि आजतक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी कोरोना पॉजिटिव हो गई हैं, इसकी जानकारी चित्रा ने खुद ट्वीट करके दी है।

आजतक न्यूज़ चैनल की सीनियर एंकर व् पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने अपने ट्वीट में लिखा- हाथरस में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आई जो कोरोना पॉज़िटिव निकले। एहतियातन मैंने भी टेस्ट कराया, जिसमें मेरी रिपोर्ट भी पॉज़िटिव है, हालाँकि कोरोना के लक्षण नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बाद मैं सेल्फ़ क्वारंटीन हूँ. उन लोगों से आग्रह है जो मेरे संपर्क में आये थे कि वो अपना ध्यान रखें।

चित्रा त्रिपाठी कोरोना पॉजिटिव हुई हैं लेकिन उन्हें कोई लक्षण नहीं है, ऐसे में कई और पत्रकार भी कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं जो जांच के बाद ही पता चल पायेगा क्योंकि आजकल ज्यादा लोगों में लक्षण नहीं नजर आता और टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है।

आपको बता दें कि चित्रा त्रिपाठी ने कई दिनों तक लगातार हाथरस में रिपोर्टिंग की, इस दौरान उन्होनें आरोप लगाया कि एक आईएएस अधिकारी ने ऑफ़ कैमरे पर बदतमीजी से बात की, हालाँकि ऑन कैमरे पर उस अधिकारी के मुंह में ताला लटक गया, चित्रा के सवालों का एक भी जवाब नहीं दे पाया।

हाथरस केस में चित्रा त्रिपाठी ने आजतक न्यूज़ चैनल की ओर से एकतरफा रिपोर्टिंग की, जो-जो पीड़ित परिवार ने बताया वही चैनल पर दिखाया, आरोपी पक्ष से एक भी बाइट नहीं ली, लेकिन जब कुछ न्यूज़ चैनलों ने पीड़ित परिवार के साथ आरोपित पक्ष के लोगों की भी बाइट ली तो उसके बाद जो सच्चाई सामने आई वो हैरान करने वाली है।

मालूम हो कि मारपीट के बाद मृतक पीड़िता ने 4 लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था, चारों जेल में बंद हैं, लेकिन आरोपित पक्ष के लोगों का कहना है कि 8 दिन तक मामला मारपीट का था लेकिन उसके बाद गैंगरेप में बदल दिया गया, जिन 4 लोगों को पीड़िता के बयान के आधार पुलिस ने गिरफ्तार किया उनमें से दो लोग तो घटना के दिन गाँव में मौजूद ही नहीं थे, जबकि एक का कसूर सिर्फ इतना था कि वो खेत में पिटाई से तड़प रही पीड़िता को पानी पिलाने चला गया। वहीँ आरोपित संदीप का मृतक पीड़िता के साथ प्रेम-प्रसंग था। ऐसा दावा किया जा रहा। हालाँकि अब योगी सरकार ने हाथरस केस को सीबीआई को सौंप दिया है। आरोपित पक्ष ने सीबीआई का स्वागत किया है जबकि पीड़ित परिवार सीबीआई जांच के खिलाफ है।

loading...