हाथरस कांड: एकतरफा रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, Aaj Tak और ABP मुर्दाबाद के लगे नारे

हाथरस केस में राजनीति तो हो रही रही है साथ ही कुछ मीडिया संस्थान भी लोगों के निशाने पर हैं जो एकतरफा रिपोर्टिंग कर रहे हैं, एकतरफा रिपोर्टिंग से लोग काफी आक्रोशित हैं, कुछ मीडिया संस्थानों के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, हजारों लोगों ने एकत्रित होकर ‘आजतक’ और ‘एबीपी न्यूज़’ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

एकतरफा रिपोर्टिंग से आक्रोशित लोगों का कहना है कि मीडिया का काम है दोनों पक्षों को दिखाए लेकिन यहाँ कुछ मीडिया संस्थानों ने एकतरफा और झूठी रिपोर्टिंग की है, ‘आजतक’ और ‘एबीपी न्यूज़’ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे लोगों का साफ़ कहना है कि कुछ मीडिया संस्थान की वजह से निर्दोष जेल भेजे गए हैं, इनकी झूठी रिपोर्टिंग की वजह से बेकसूर पुलिसकर्मीं भी सस्पेंड हुए।


गौरतलब है कि हाथरस में कुछ हफ्ते पहले एक 19 वर्षीय लड़की के साथ मारपीट हुयी थी, थाने में मारपीट का मुकदमा भी दर्ज हुआ लेकिन 8 दिन बाद ये मामला गैंगरेप में तब्दील हो गया, मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया, इसके बाद इस केस के बहाने राजनैतिक पार्टियां राजनैतिक रोटियां सेंकने लगी, मीडिया भी खोई टीएआरपी की तलाश में हाथरस पहुंचा और झंडे गाड़कर बैठ गया। सिर्फ पीड़ित को दिखाया। कथित आरोपी पक्ष को पूर्णतया बहिष्कार कर दिया, जबकि यही मीडिया आतंकियों के अब्बा का भी इंटरव्यू लेने से गुरेज नहीं करता।

अब सोशल मीडिया के माध्यम से खुलासा हो रहा है कि गैंगरेप की घटना तो सरासर झूठ है, साथ ही 3 लड़के भी झूठे फंसाये गए हैं, घटना के वक्त वो गाँव में थे ही नहीं, इस केस की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई की सिफारिश कर दी है।, जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। इसके अलावा सभी का नार्को टेस्ट भी होगा, हालाँकि पीड़ित परिवार सीबीआई जांच के पक्ष में नहीं है और न ही नार्को टेस्ट देना चाहता है।