TRP घोटाले में आये 2 और चैनलों के नाम, अबतक 8 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार

9 अक्टूबर 2020 को मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके कथित टीआरपी घोटाले का पर्दाफाश किया था, मुंबई पुलिस कमिश्नर ने दावा किया था कि पैसे देकर टीआरपी बढ़वाई जाती थी, इससे चैनलों रेवेन्यू बढ़ता था, टीआरपी स्कैम में परमबीर सिंह मुख्य रूप से रिपब्लिक टीवी का नाम ले रहे थे लेकिन एफआईआर में रिपब्लिक का नाम है ही नहीं। एफआईआर में इंडिया टुडे का नाम है जोकि एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल है। खबर आ रही है कि टीआरपी घोटाले में दो और न्यूज़ चैनलों के नाम आये हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक समाचार चैनल है तो दूसरा मनोरंजन चैनल है. उन्होंने कहा, ‘‘जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ये दो चैनल टीआरपी फिक्स करने में शामिल हैं और लोगों को उनका चैनल देखने के लिए पैसे दिया करते थे. हालाँकि चैनल के नाम का खुलासा अभी नहीं किया गया है.उन्होंने बताया कि पुलिस ने फर्जी टीआरपी मामले में और धाराएं जोड़ दी हैं।

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने टीआरपी घोटाले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया, ये दोनों हंसा रिसर्च एजेंसी के पूर्व कर्मचारी बताये जा रहे हैं. अबतक इस मामलें में 8 लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फर्जी टीआरपी वाली जांच के घेरे में आए चैनल से जुड़े लोग कहीं मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में तो शामिल नहीं हैं।

आपको बता दें कि टीआरपी घोटाले में दो गिरफ़्तारी यूपी मिर्जापुर से भी हुई थी, हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य सरकार ने सीबीआई को जांच सौंप दी, सीबीआई ने जांच शुरू भी कर दी लेकिन फिलहाल महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने रोक लगा दी है, सरकार से इजाजत लेकर ही अब सीबीआई मुंबई में जाँच कर सकती है। बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने ये आदेश जारी किया।

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