बढ़ सकती है अखिलेश-आजम की मुश्किलें: SIT जांच करवायेगी योगी सरकार, हज हाऊस में लूट की आशंका

लखनऊ, 5 सितंबर: समाजवादी पार्टी की सरकार में गाजियाबाद और लखनऊ में हज हाउस का निर्माण हुआ था, हज हाउस के निर्माण में सरकारी पैसे के दुरूपयोग का आरोप लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसकी एसआईटी (SIT) से जांच कराने का फैसला किया है।

लखनऊ हज हाउस का निर्माण वर्ष 2004 से 2006 की मुलायम सरकार में तथा गाजियाबाद हज हाउस का अखिलेश सरकार में हुआ था, इस बाबत प्रदेश सरकार के विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह पहले ही एसआईटी के डीजी को पत्र भेज चुके हैं. पत्र में कहा गया है कि गाजियाबाद के आला हजरत हज हाउस और लखनऊ के मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस के निर्माण में जरूरत से ज्यादा धनराशि खर्च हुई. उसके बाद भी पाई गई कमियां दूर नहीं करवाई गईं. इस निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग की भी आशंका जताई गई है. इस पत्र में दो महीने के अन्दर जांच रिपोर्ट मांगी गयी है।

उसी समय गाजियाबाद में हिंडन नदी के किनारे हज हाउस के लिए जमीन ली गई थी। मगर उस पर मुकदमा दायर हो गया था, फिर जब 2012 में सपा की सरकार में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो गाजियाबाद हज हाउस का निर्माण पूरा हुआ। सपा की इन दोनों सरकारों में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खान ही थे। अगर जांच में ठोस सबूत हाथ लगे तो अखिलेश यादव और आजम खान की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि खूब धांधलियां हुईं हैं. पूरे प्रकरण की जांच एसआइटी को सौंपी गयी है। दोषियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।