आइये जानते हैं नए कृषि विधेयक के बारे में, जिसपर मचा है बवाल, कांग्रेस कर रही है विरोध

लोकसभा में किसानों से सम्बंधित कुछ विधेयक पास हुए हैं, हालाँकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां इस विधेयक का विरोध कर रही हैं तो वहीँ मोदी सरकार का कहना है कि इन विधेयकों से किसानों का फायदा होगा।

  • लोकसभा में पास हुए विधेयक।
  • कृषक उपज व्यापार
  • वाणिज्य विधेयक
  • कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार।

जानकारी के अनुसार, 1960-70 के आसपास कांग्रेस सरकार ने एक कानून पास किया जिसका नाम था – APMC एक्ट, इस एक्ट में यह प्रावधान किया गया था कि किसान अपनी उपज केवल सरकार द्वारा तय स्थान अर्थात सरकारी मंडी में ही बेच सकता है। इस मंडी के बाहर किसान अपनी उपज नहीं बेच सकता और इस मंडी में कृषि उपज की खरीद भी वो ही व्यक्ति कर सकता था जो APMC में रजिस्टर्ड हो, अन्य दूसरा नही, इन रजिस्टर्ड व्यक्ति को आम बोलचाल में “आढ़तिया” यानि “कमीशन एजेंट कहते हैं।

अब केंद्र क मोदी सरकार द्वारा किसानों की हालत सुधारने के लिये अध्यादेश लाये गये हैं। जिसमे निम्नलिखित सुधार किए गये।
1. अब किसान मंडी के बाहर भी अपनी फसल बेच सकता है और मंडी के अंदर भी।
2. किसान का सामान कोई भी व्यक्ति संस्था खरीद सकती है जिसके पास पैन कार्ड हो।
3. अगर फसल मंडी के बाहर बिकती है तो राज्य सरकार किसान से कोई भी टैक्स वसूल नहीं सकती।
4. किसान अपनी फसल किसी राज्य में किसी भी व्यक्ति को बेच सकता है।
5. किसान contract farming करने के लिये भी अब स्वतंत्र है।

कई राजनीतिक पार्टियों द्वारा इन कानूनों के विरुद्ध दुष्प्रचार कर रहें है जोकि निम्नलिखित हैं।
1. आरोप – सरकार ने मंडीकरण खत्म कर दिया है ?
उत्तर – सरकार ने मंडीकरण खत्म नहीं किया, मंडिया भी रहेंगी लेकिन किसान को एक विकल्प दे दिया कि अगर उसको सही दाम मिलता है तो वह कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है अर्थात मंडी में भी और मंडी के बाहर भी।

2. आरोप- सरकार MSP समाप्त कर रही है ?
उत्तर – मंडीकरण अलग चीज़ है MSP नुयनतम समर्थन मूल्य अलग चीज़ है,सारी फसलें, सब्ज़ी, फल इत्यादि मंडीकरण में आते हैं MSP सब फसलों की नहीं है।

3. आरोप – सारी फसल अम्बानी/अडानी खरीद लेंगें।
उत्तर – वह तो अब भी खरीद सकता है – आढ़तियों को बीच में डालकर।

यह तीन कानून किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुक्ति के कानून हैं। आज इस सरकार ने किसानों पर कांग्रेस द्वारा लगाई हुई -“बन्दिश” को हटाया है और “हर किसी को” अपनी उपज बेचने के लिये आजाद किया है….”सम्पूर्ण भारतवर्ष का बाजार” किसानो के लिये खोल दिया गया है।

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