लॉक डाउन की वजह से ये करोड़ों लोग हो गए बेरोजगार, अब कैसे चेलगी इनकी जिंदगी, सरकार जरूर सोचे

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फरीदाबाद, 5 सितम्बर: कोरोना को भारत सरकार ने थोड़ा ज्यादा ही खतरनाक मानकर देश में लॉक डाउन लगा दिया जिसकी वजह से देश में डर का माहौल पैदा हो गया, लोग अपना बिजनेस नहीं कर पा रहे हैं, सरकार ने सख्त नियम बना रखे हैं, कई उद्योग बंद हो गए जिसकी वजह से लोगों की नौकरी चली गयी, करोड़ों लोगों से कोरोना से डरकर एक दूसरे राज्य से पलायन किया जिसकी वजह से भी लोगों का रोजगार गया, अब भारत की अर्थव्यवस्था तबाही के रास्ते पर है, GDP माइनस में जा रही है.

अगर बेरोजगार लोगों की बात परे तो शादियां, बरात, पार्टियां, कैटरिंग, टेंट हाउस, मंदिर, मस्जिद गुरुद्वारे, सामाजिक धार्मिक संस्थानों, होटल ढाबों, मॉल, गार्डन, स्वीमिंग पूल, कोचिंग सेण्टर, फन पार्क, वाटर पार्क, रेलवे स्टेशन, बसअड्डे आदि पर काम करने वाले करोड़ों लोगों का रोजगार चला गया और देश की अर्थव्यवस्था भी चौपट हो गयी. अगर ऐसे ही सख्ती जारी रही तो देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तबाह होने से कोई नहीं रोक सकता और इसके लिए सिर्फ केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।

अब बात करते हैं भारत की. भारत में अब तक 39,36,747 लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका है, रोजाना 10 लाख से अधिक टेस्ट किये जा रहे हैं और रोजाना 60 – 90 हजार लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं.

कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राज़ील के बाद तीसरे नंबर पर है लेकिन आजकल में ब्राजील को पछाड़कर दूसरे नंबर पर पहुँचने वाला है.

भारत में सिर्फ 8 लाख के करीब एक्टिव केस है, 30 लाख से अधिक मरीज ठीक हो गए हैं, रिकवरी रेट बहुत बढ़िया है, सिर्फ अन्य गंभीर बीमारियों वाले लोग ही कोरोना से मर रहे हैं लेकिन सरकार इसपर ध्यान नहीं दे रही है. सरकार धड़ाधड़ टेस्ट करे जा रही है और कोरोना के मामले में दुनिया में सबसे अधिक संक्रमण का रिकॉर्ड बनाना चाहती है जबकि चीन जैसे देश कोरोना को भूलकर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने में लगे हैं.