अर्नब से डरी उद्धव सरकार, शिवसेना ने केबल ऑपरेटरों को धमकी देते हुए कहा- रिपब्लिक को बैन करो

मुंबई, 11 सितंबर: पालघर साधु हत्याकांड और सुशांत सिंह राजपूत केस में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को बेनकाब करने वाले वरिष्ठ अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क से उद्धव ठाकरे सरकार डर गई है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सत्तारूढ़ शिवसेना ने केबल आपरेटरों को धमकी देते हुए कहा है कि रिपब्लिक को बैन कर दो, ताकि लोग इसे देख न पाएं।

रिपब्लिक भारत के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है कि पूरे महाराष्ट्र में केबल ऑपरेटरों को रिपब्लिक को बैन करने या ‘परिणाम भुगतने’ की धमकी, लेकिन हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। रिपब्लिक ने इसके लिए देश के लोगों की मदद भी मांगी है.

रिपब्लिक की मुताबिक़, शिवसेना ने राज्य में सभी केबल ऑपरेटरों को रिपब्लिक को बैन करने की ‘धमकी’ देते हुए रिपोर्ट करने के अधिकार पर बड़ा हमला किया है। तीन दिन से राज्य की पुलिस ने रिपब्लिक के रिपोर्टर को जेल में डाल रखा है।

शिवसेना का हिस्सा शिव केबल सेना ने एक आदेश जारी किया है जिस पर संजय राउत के भाई और संगठन के प्रमुख सुनील राउत ने साइन किए हैं। संजय राउत इस संगठन के ‘प्रमुख मार्गदर्शक’ हैं और आदेश में खुद ये लिखा है-’संजय राउत के मार्गदर्शन में’।

रिपब्लिक ने दावा किया है कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के रिपोर्टर अनुज कुमार, वीडियो जर्नलिस्ट यशपालजीत सिंह और ओला कैब ड्राइवर प्रदीप दिलीप धनावड़े को महाराष्ट्र पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया है, ये टीम एक स्टोरी के सिलसिले में सुराग का पता लगाते हुए रायगढ़ के कर्जत गई थी।
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क या किसी भी न्यूज़ चैनल को ब्लॉक करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत बोलने की स्वतंत्रता का पूरी तरह से उल्लंघन है।

आपको बता दें कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क सुशांत सिंह राजपूत केस में सच्चाई और न्याय के लिए लड़ रहा है जो शिवसेना को हजम नहीं हो रहा है, इसीलिए उद्धव सरकार रिपब्लिक को बैन करके अर्नब गोस्वामी की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.