अर्नब की आवाज पर ताला लगाना चाहती है उद्धव सरकार, भड़के संबित पात्रा, कहा- ये कोई मुगल राज नहीं!

मुंबई, 18 सितंबर: रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क और उसके सम्पादक अर्नब गोस्वामी सुशांत सिंह राजपूत की मौत मौत और दिशा सालियान की मौत के बारें में रोजाना नए-नए खुलासे कर रहे हैं, जिसकी वजह से मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार दोनों बैकफुट पर आ गये हैं. रिपब्लिक कई महीनों से सुशांत और दिशा को इन्साफ दिलाने की मुहिम चला रहा रहा है, जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, हालाँकि रिपब्लिक की ये मुहिम महाराष्ट्र की उद्धव सरकार को रास नहीं आ रही है। जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे सरकार अर्नब की जुबान पर ताला लगाना चाहती है, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसकी निंदा की है.

दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को 60 पन्नों का विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा है। जिसकी बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने निंदा की है। पात्रा ने कहा है कि, ये कोई मुगल राज नहीं चल रहा है। जो कोई विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेज दे।

संबित ने कहा, ‘ये कोई मुगल राज नहीं चल रहा है। जो कोई विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेज दे। आप (महाराष्ट्र सरकार) पत्रकारों को जेल में डाल देते हैं। क्या आपने एक पन्ने की चिट्ठी मुंबई पुलिस को भेजी है? आप नेवी अफसर की पिटाई कर देते हैं। एक एक्ट्रेस का घर तोड़ देते हैं, उन्हें गाली देते हैं। रिपोर्टर को जेल में डाल देते हैं, उनका कोई अधिकार नहीं है क्या? ये आवाज को दबाने की कोशिश है।

आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे सरकार रिपब्लिक और अर्नब को डराने के लिए तमाम हथकंडे अपना रही है, कभी रिपब्लिक के पत्रकार को बेवजह गिरफ्तार कर लिया जाता है तो कभी शिवसेना केबल ऑपरेटरों को राज्य में रिपब्लिक भारत बैन करने की धमकी देता है. हालाँकि इसके बावजूद भी रिपब्लिक और अर्नब मोर्चा संभाले हुए हैं।

अर्नब ने कहा है कि महाराष्ट्र की विधानसभा ने मुझे 60 पन्नों की एक चिट्ठी भेजी है। मुझसे पूछा गया है कि मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से सवाल क्यों कर रहा हूं। मुझे जेल भेजने और विशेषाधिकार हनन की धमकी दी गई है। मैंने इसके खिलाफ लड़ने का फैसला किया है। मैं उद्धव ठाकरे और दूसरे चुने हुए प्रतिनिधियों से सवाल पूछता रहूंगा और उनसे लड़ता रहूंगा।

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