विपक्षी सांसदों की गुंडागर्दी से आहत हुए राज्यसभा के उपसभापति, राष्ट्रपति को लिखा भावपूर्ण पत्र

राज्यसभा में रविवार को कृषि विधेयक पर चर्चा हो रही थी, चर्चा के दौरान सदन में विपक्षी सांसदों ने जमकर गुंडागर्दी की, सारी हद क्रॉस कर गए, चेयर पर मौजूद उपसभापति को डराने-धमकाने की कोशिश की, विपक्ष के कुछ सांसदों की गुंडागर्दी से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह काफी दुखी हैं उन्होनें राष्ट्रपति व् उपराष्ट्रपति को भावपूर्ण पत्र लिखा है।

राज्य सभा उप सभापति हरिवंश ने राज्य सभा में विपक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा उच्च सदन की मर्यादाओं को तार-तार करते हुए उनके साथ किए गए दुर्व्यवाहर पर अपनी वेदना प्रकट करते हुए उप राष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू को भावपूर्ण पत्र लिखा है और एक दिन का उपवास रखने का निर्णय लिया है।

राज्यसभा के उपसभा ने अपने पत्र में लिखा है कि सदन के माननीय सदस्यों द्वारा लोकतंत्र के नाम पर हिंसक व्यवहार हुआ, आसन पर बैठे व्यक्ति को भयभीत करने की कोशिश की गई, उच्च सदन के हर मर्यादा और व्यवस्था की धज्जियां उडाई गई, सदन में विपक्ष के माननीय सदस्यों ने नियम पुस्तिका फाड़कर मेरे ऊपर फेंका, सदन के जिस ऐतिहासिक टेबल पर बैठकर सदन के अधिकारी सदन की महान परम्पराओं को शुरू से आगे बढ़ाने में मूकनायक की भूमिका अदा करते हैं, उनकी टेबल पर चढ़कर सदन के महत्वपूर्ण कागजात-दस्तावेजों को पलटने, फेंकने व् फाड़ने की घटनाएं हुई, नीचे से कागज के रोल बनाकर आसन पर फेंके गए. आक्रामक व्यवहार, भद्दे व् असंसदीय नारे लगाए गए।

उपसभापति ने अपने पत्र में आगे लिखा, ह्रदय और मांस को बेचैन करने वाला लोकतंत्र के चीरहरण दृश्य पूरी रात मेरे मस्तिष्क में छाया रहा, सो नहीं सका. स्वभावतः अंतर्मुखी हूँ, गांव का आदमी हूँ, मुझे सहित संवेदना और मूल्यों ने गढ़ा है, उन्होनें पत्र में लिखा है कि राज्यसभा की कामकाज में कोई बाधा न पहुंचे इसके लिए मैं उपवास के दौरान काम सुचारु रूप से जारी रखूंगा। ऊपर आप पूरा पत्र पढ़ सकते हैं।

आपको बता दें कि रविवार को कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन समेत 8 विपक्षी सांसदों ने जमकर गुंडागर्दी की थी।

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