मॉस्को में रक्षामंत्री राजनाथ से मुलाक़ात के बाद आया चीन का बयान

पिछले कई हफ़्तों से भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा विवाद जारी है, इस तनाव के बीच शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही मास्को में दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई है, जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। बैठक के बाद पहली बार चीन का बयान सामने आया है, जिसमें उसने कहा है कि वह अपनी एक इंच जमीन नहीं गंवा सकता है। ध्यान रहे कि मुलाक़ात का अनुरोध चीनी रक्षामंत्री ने खुद भारत के रक्षामंत्री राजनाथ से किया था।

पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा पर हुए तनाव के बाद से दोनों ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी। वार्ता के दौरान सिंह ने पूर्वी लद्दाख में यथा स्थिति को बनाए रखने और सैनिकों को तेजी से हटाने पर जोर दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी सेना के पैंगोंग झील के दक्षिण तट में यथास्थिति बदलने के नए प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई और वार्ता के माध्यम से गतिरोध के समाधान पर जोर दिया।

रूस की राजधानी मास्को में एक प्रमुख होटल में रात करीब साढ़े नौ बजे (भारतीय समयानुसार) वार्ता शुरू हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा भी थे।