कश्मीर: रघुनाथ मंदिर में अब फिर से गूंजेंगे जयकारे, बजेंगी घंटियां, 31 साल पहले आतंकियों ने जला दिया था

श्रीनगर, 21 सितंबर: केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाली धारा 370 को हटा दिया। 370 हटने के बाद घाटी में अब बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, कश्मीर घाटी में सूनसान पड़ी मंदिरों के गौरव को वापस लाने का कार्य प्रारम्भ हो चुका है, जी हाँ! जिस रघुनाथ मंदिर को आतंकियों ने 31 साल पहले जला दिया था अब उसी रघुनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू हो चुका है।

रघुनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार की तस्वीर, साभार – वकील प्रशांत पटेल ट्विटर

पर्यटन विभाग को सौंपा गया मंदिर के जीर्णाेद्धार का कार्य
रघुनाथ मंदिर जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में स्थित है, मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक बार घाटी में जयकारें, दीये जलेंगे और घंटियाँ बजेंगी, मंदिर के जीर्णाेद्धार का कार्य राज्य पर्यटन विभाग को सौंपा गया है। मंदिर के साथ-साथ वहां झेलम के घाट का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

कश्मीरी पंडितों में ख़ुशी की लहर।
रघुनाथ मंदिर का जीर्णाेद्धार शुरू होने से वहां रहे कश्मीरी हिन्दुओं में ख़ुशी की लहर है, क्योंकि 31 साल बाद अब वो मंदिर में दर्शन-पूजा-पाठकर सकेंगें। इसके अलावा देशभर के पर्यटक भी इस गुमनाम विरासत का दर्शन कर सकेंगें।

डोगरा के शासक महाराजा रणवीर सिंह ने बनवाया था मंदिर
जानकारी के मुताबिक, डोगरा के शासक महाराजा रणवीर सिंह ने करीब 160 वर्ष पूर्व में श्रीनगर में झेलम दरिया नदी के किनारे रघुनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था. इस मंदिर में धर्मग्रंथों पर आधारित लाइब्रेरी व् मंदिर परिसर में एक स्कूल भी था, स्कूल अब भी है पर मंदिर को इस्लामिक आतंकियों ने तोड़ दिया था, मूर्तियों को फेंक दिया था।

इस्लामिक आतंकियों ने 31 साल पहले मंदिर पर किया था हमला
साल 1989 में उग्र इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर हमला बोल दिया, इसके बाद 1990 और 1991 में भी इस मंदिर पर इस्लामिस्टों ने हमला किया, मंदिर को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। मंदिर में प्रतिष्ठित भगवान श्रीराम और माता सीता की मूर्ति को खंडित करके झेलम में फेंक दिया। इसके बाद किसी सरकार ने इस मंदिर का जीर्णाेद्धार करने की कोशिस नहीं की लेकिन अब केंद्र की मोदी सरकार ने रघुनाथ मंदरी के जीर्णाेद्धार का काम शुरू कर दिया है. जल्द ही इस मंदिर में आरती का दियाँ जलेगा और घंटिया भी बजेंगी।

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