चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के मूड़ में भारत, राफेल और मिराज ने भरी लद्दाख में उड़ान

गलवान घाटी की घटना के बाद मोदी सरकार चीन के खिलाफ बेहद सख्त हो गई और चीन को कड़ा सबक सिखानें की तैयारी भी कर रही है, जी हाँ! गलवान घाटी में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू समेत 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होनें के बाद भारत हर तरीके से चीन को चूर-चूर करनें की तैयारी कर रहा है।

चीन के साथ पिछले कई महीनों से चल रही तनातनी के बीच लद्दाख में राफेल और मिराज विमानों ने उड़ान भरी, सरकारी सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है। कुछ मिराज विमान भी उड़ान भरते देखे गए हैं। वायुसेना ने विगत 10 सितंबर को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल किया था। इससे पूर्व जुलाई के आखिर में फ्रांस से पांच राफेल विमान अंबाला पहुंचे थे।

राफेल विमान जब वायुसेना में शामिल किए गए थे, तब वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा था कि उन्हें सही वक्त पर वायुसेना में शामिल किया गया है। ये वायुसेना की ताकत में इजाफा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि गोल्डन एरोज (राफेल स्वाड्रन) को जहां भी तैनात किया जाएगा, वह हमेशा दुश्मन पर भारी पड़ेंगे।

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लये दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत भी हो रही है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है, क्योंकि चीन चालबाजी करने की कोशिश करता है जो भारत को मंजूर नहीं है.

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