जेल जाने से तो बच गए प्रशांत भूषण लेकिन यहाँ बचना बहुत मुश्किल

नई दिल्ली, 6 सितंबर: अवमानना मामलें में सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण को कोई बड़ी सजा नहीं सुनाई, सजा के तौर पर एक रूपये का जुर्माना लगाया, जुर्माने की राशि भरकर प्रशांत भूषण जेल जाने से बच गए लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी प्रशांत भूषण के खिलाफ गैर पेशेवर व्यवहार के लिए मुकदमा चलाने का मन बना लिया! सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपमान जनक ट्वीट करने पर अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया चाहता है कि प्रशांत भूषण के विरुद्ध मुकदमा चलाया जाए!

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सतीश देशमुख ने एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग में प्रशांत भूषण के मामले को संज्ञान में लिया और दिल्ली बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि प्रशांत भूषण के मामले का विश्लेषण किया जाए! उनका कहना है कि अगर उचित सबूत मिलते हैं तो उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्यवाही की व्यवस्था की जाए!

जिस तरह से अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष ने दिल्ली बार काउंसिल को आदेश दिए हैं उससे यह स्पष्ट होता है कि वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध वह आपत्तिजनक ट्वीट कर ना केवल न्यायपालिका की प्रतिबद्धता पर आरोप लगाया था बल्कि अधिवक्ताओं की प्रतिष्ठा पर भी एक गंभीर प्रश्न चिन्ह लगा दिया था! अगर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कार्यवाही की तो प्रशांत भूषण का वकालत करने का लाइसेंस भी कुछ सालों के लिए छिन सकता है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि बार काउंसिल ऑफ़ इण्डिया प्रशांत भूषण के विरोध क्या कार्यवाही करता है।

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