बेंगलुरु दंगों की जांच करेगी NIA, हजारों मुस्लिमों ने मिलकर मचाया था आतंक, कांग्रेस MLA का फूँका था घर

कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात दंगे और आगजनी का भीषण नज़ारा देखने को मिला। 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। इस दंगे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।

केंद्र सरकार ने बेंगलुरु में हुए हिंसक दंगों से जुड़े आपराधिक मामलों की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर करने का फैसला किया है। पुलिस ने दंगों में शामिल लगभग 280 लोगों पर यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया था। केंद्रीय एजेंसी इस मामले में यह जाँच करेगी कि गिरफ्तार आरोपितों के कनेक्शन किसी आतंकी संगठन से है या नहीं।

ऑपइण्डिया के मुताबिक, कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ, जिसके मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति अशोक एस. किनगी के समक्ष एनआईए का प्रतिनिधित्व करते हुए, वकील पी. प्रसन्ना कुमार ने बेंगलुरु के डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाकों में हिंसा की घटनाओं से जुड़े मामलों को स्थानांतरित करने की अपील की।

इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा जल्द ही आदेश जारी किए जाने की उम्मीद है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान एनआईए को जाँच स्थानांतरित करने, हिंसा के दौरान संपत्तियों को हुए नुकसान के मुआवजे का भुगतान, आदि मामलों को भी प्रस्तुत किया गया था।

बता दें कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने दंगे शामिल समीउद्दीन नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। दावा किया जा रहा है कि उसका संबंध अल-हिंद संगठन से है।

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