NDTV ने कपिल मिश्रा को बताया था ‘भड़काऊ भाषण वाला व्हिसल ब्लोअर’, दिल्ली पुलिस ने बतायी सच्चाई

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नई दिल्ली: दिल्ली दंगों के दौरान NDTV चैनल ने रिपोर्टिंग करते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्रा को भड़काऊ भाषण वाला व्हिसल ब्लोअर बताया था और उन्हें भी दंगों का मुख्य आरोपी साबित करने का प्रयास किया था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसकी रिपोर्ट को झूठी और गुमराह करने वाली बताते हुए इस मामले की सच्चाई बतायी है।

दिल्ली पुलिस ने लिखा – NDTV की इस खबर में एंकर ने कहा है कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट ने कपिल मिश्रा को व्हिस्टल ब्लोअर कहा है, यह सत्य से नितांत परे है। दिल्ली पुलिस ने कहीं भी कपिल मिश्रा को व्हिस्टल ब्लोअर नहीं कहा है, ना लिखा है। शायद एंकर का नैरेटिव तब पूरा होता यदि दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा का विस्तृत बयान ना लिया होता, परन्तु अन्वेषण स्टूडियो और कैमरा के सामने नहीं होता। कपिल मिश्रा के विस्तृत बयान के रिकॉर्ड पर आ जाने से आहत एंकर ने सच्चे व्हिस्टल ब्लोअर्स को नजरअंदाज करते हुए दर्शकों को गुमराह करने का प्रयास किया है।

रिपोर्ट में दूसरा मुद्दा यह उठाया गया है कि कपिल मिश्रा के मौजपुर में रहते ही पत्थरबाजी शुरू हो गयी थी, दिल्ली पुलिस ने तमाम अन्वेषण के बाद पाया कि दंगे और पत्थरबाजी 23 फरवरी को चांदबाग के दंगाइयों ने सोची समझी साजिश के तहत लगभग 11 बजे सुबह से शुरू कर दी थी और प्रथम घायल पीड़ित की MLC 12.15 बजे दिन को अस्पताल में बनी थी जब कि कपिल मिश्रा 23 तारीख को 3.30 बजे दोपहर मौजपुर आये थे, इससे स्पष्ट है कि पुलिस और पब्लिक पर CAA विरोधियों द्वारा हमला 23 फ़रवरी सुबह से ही शुरू हो गया था।

रिपोर्ट में एंकर ने इन तथ्यों को छिपाते हुए एक कहानी रचने की शरारतपूर्ण कोशिश की है, परन्तु NDTV के अपने ही रिपोर्टर की यह टिप्पड़ी कि DCP एंटी राइट गीयर पहने हुए थे और आसपास पत्थर भी दिखाई पड रहे थे, से दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में लिखी इस बात की जाने अनजाने पुष्टि होती है कि पथराव लगभग 11 बजे सुबह से ही शुरू हो गया था।

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