कर्नाटक की BJP सरकार का बड़ा फैसला, मंदिरों के धन से होगी गरीब हिन्दू जोड़ों की शादी

बेंगलुरु, 3 सितंबर: कर्नाटक की भाजपा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, इस फैसले का सीधा लाभ गरीब हिन्दुओं को होगा जो खुद शादी करने में सक्षम नहीं हैं। कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ने ऐलान किया है कि गरीब परिवार से आने वाले हिंदू जोड़ों की शादी मंदिरों में दान की गई राशि के एक हिस्से से कराई जाएगी। यह सामूहिक विवाह सप्तपदी नाम की योजना के तहत कराए जाएँगे। योजना के अनुसार लगभग 100 से अधिक ए श्रेणी के मंदिरों को 26 अप्रैल से 24 मई के बीच हिंदू जोड़ों के सामूहिक विवाह का खर्च उठाना था।

लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह आयोजन नहीं हो पाया था। जिस तरह के हालात फिलहाल बने हैं उनके आधार पर सामूहिक विवाहों के आयोजन की उम्मीदें भी कम हैं। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ़ हिंदू चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन एंड रिलीजियस इंडोमेंट ने नया विकल्प खोजा है। विभाग अब विवाहों का आयोजन सामूहिक तौर पर कराने की जगह साल भर (केस बाई केस) आधार पर करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबीक, हिंदू चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन एंड रिलीजियस इंडोमेंट विभाग के मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि इस योजना के मूलभूत ढाँचे में बदलाव किया जा चुका है। नए बदलाव के आधार पर कर्नाटक की राज्य सरकार के चयनित मंदिरों में आगामी एक साल के दौरान हिंदू जोड़ों की सुविधानुसार शादी कराई जा सकती है। इस प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है।

इस योजना की शुरुआत 5.5 करोड़ रूपए के बजट से शुरू की गई थी। इस योजना के तहत शादी करने वाले जोड़े को 8 ग्राम सोने का मंगलसूत्र, 10 हज़ार रूपए के उपहार और 5 हज़ार रूपए नगद दिए जाएँगे।

loading...