चीन-रूस जैसे देशों ने दिमाग का इस्तेमाल करने जीत ली कोरोना से जंग, भारत बर्बादी की डगर पर

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस का संक्रमण उन देशों में ज्यादा देखने को मिल रहा है जहाँ पर टेस्ट ज्यादा किये जा रहे हैं, जिन देशों में अधिक टेस्ट किये जा रहे हैं और लॉक डाउन जैसे नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है उन देशों की अर्थव्यवस्था तबाही के रास्ते पर है, लोगों की नौकरी जा रही है और अब इन देशों के नागरिक बैंक बैलेंस पर ही निर्भर हैं, बैंक बैलेंस ख़त्म होने के बाद इन देशों में हाहाकार मच सकता है.

उदाहरण के लिए देखिये – कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से शुरू हुआ लेकिन वहां पर सिर्फ 85,112 लोगों को कोरोना इन्फेक्शन हुआ, 4,634 लोगों की मौत हुई और 80,284 लोग ठीक हो गए, उसके बाद चीन ने आंकड़े देने ही बंद कर दिए और दुनिया में ऐलान कर दिया कि उनके यहाँ कोरोना संक्रमण ख़त्म हो गया है.

चीन के इस कदम से वहां की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, आज सिर्फ चीन की GDP पॉजिटिव जा रही है जबकि अन्य देशों की GDP निगेटिव है. चीन के इस कदम से उसके देश में डर का माहौल ख़त्म हो गया, उद्योग फिर से पटरी पर आ गए और लोग अपनी नार्मल लाइफ जीने लगे.

अब बात करते हैं रूस की, करीब एक महीनें पहले रूस ने ताबड़तोड़ टेस्ट शुरू किये और रोजाना लाखों केस आने लगे लेकिन 1,015,105 मामले पहुँचते ही रूस में अचानक कोरोना पर कण्ट्रोल लग गया, अब सिर्फ चंद टेस्ट किये जा रहे हैं इसलिए रूस में कोरोना ख़त्म सा होता दिख रहा है. रूस की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर है.

अब बात करते हैं भारत की. भारत में अब तक 39,36,747 लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका है, रोजाना 10 लाख से अधिक टेस्ट किये जा रहे हैं और रोजाना 60 – 90 हजार लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं.

कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राज़ील के बाद तीसरे नंबर पर है लेकिन आजकल में ब्राजील को पछाड़कर दूसरे नंबर पर पहुँचने वाला है.

भारत में सिर्फ 8 लाख के करीब एक्टिव केस है, 30 लाख से अधिक मरीज ठीक हो गए हैं, रिकवरी रेट बहुत बढ़िया है, सिर्फ अन्य गंभीर बीमारियों वाले लोग ही कोरोना से मर रहे हैं लेकिन सरकार इसपर ध्यान नहीं दे रही है. सरकार धड़ाधड़ टेस्ट करे जा रही है और कोरोना के मामले में दुनिया में सबसे अधिक संक्रमण का रिकॉर्ड बनाना चाहती है जबकि चीन जैसे देश कोरोना को भूलकर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने में लगे हैं.

भारत सरकार रोजाना 10 लाख टेस्ट कर रही है, रोजाना लाखों लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं जिसकी वजह से देश में डर का माहौल है, लोग अपना बिजनेस नहीं कर पा रहे हैं, सरकार ने सख्त नियम बना रखे हैं, कई उद्योग बंद हो गए जिसकी वजह से लोगों की नौकरी चली गयी, करोड़ों लोगों से कोरोना से डरकर एक दूसरे राज्य से पलायन किया जिसकी वजह से भी लोगों का रोजगार गया, अब भारत की अर्थव्यवस्था तबाही के रास्ते पर है, GDP माइनस में जा रही है, शादियां, बरात, पार्टियां, मंदिर, मस्जिद गुरुद्वारे, सामाजिक धार्मिक कार्यक्रम, मॉल, गार्डन, स्वीमिंग पूल आदि चीजें बंद हो गयी हैं जिसकी वजह से लाखों लोगों का रोजगार चला गया और देश की अर्थव्यवस्था भी चौपट हो गयी. अगर ऐसे ही सख्ती जारी रही तो देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तबाह होने से कोई नहीं रोक सकता और इसके लिए सिर्फ केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।

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