हाथरस गैंगरेप-मर्डर में योगी आदित्यनाथ की अग्निपरीक्षा, दरिदों की गाडी पलटवाने की हो रही मांग

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लखनऊ, 29 सितम्बर: दरिंदों को कड़ी सजा नहीं मिलती और मिलती है तो कई कई वर्ष लग जाते हैं शायद इसीलिए महिलाओं के खिलाफ दरिंदगी ख़त्म नहीं हो रही है, कुछ महीनों पहले निर्भया गैंगरेप के चारों आरोपियों को फांसी पर लटका दिया गया था लेकिन दरिंदों में इसका भय पैदा नहीं हुआ और हाथरस में भी निर्भया जैसी घटना को अंजाम दिया गया।

19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक बलात्कार करके उसे इतनी शारीरिक यातनाएं दी गयीं कि इंसानियत शर्मशार हो गयी। 2 हप्ते तक मौत से जूझने के बाद युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्प्ताल में दम तोड़ दिया।

इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किये गए हैं, पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी कर दी और कई दिनों तक आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया, पुलिस के इस रवैये के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया, 7 दिन के बाद FIR दर्ज हुई।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अब अग्निपरीक्षा की घड़ी है। विपक्षी पार्टियां उनपर हमलावर हैं, मृतक पीड़िता गरीब और पिछड़े तबके की है इसलिए इस वारदात पर राजनीति होना तय है।

यूपी पुलिस खूंखार अपराधियों की गाडी पलटवाकर उनका एनकाउंटर कर देती है, इस मामले में भी यूपी पुलिस और योगी आदित्यनाथ से यही मांग की जा रही है, अगर जल्द ही दरिंदों की गाडी नहीं पलटवायी गई तो योगी आदित्यनाथ को जवाब देना भारी पड जाएगा।

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