कांग्रेसी नेताओं ने बीच बजार में पत्रकार कमल शुक्ला को बेरहमी से पीटा, राहुल-प्रियंका खामोश

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला को कांग्रेसी नेताओं ने बीच बाजार में बेरहमी से पीटा। आरोप है कि पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही और कांग्रेस के स्थानीय नेता कमल शुक्ल को पीटते रहे…ये पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कांकेर का है।

बीज बाजार में वरिष्ठ पत्रकार की पिटाई से अन्य पत्रकारों में रोष है, कांग्रेसी नेताओं द्वारा पत्रकार कमल शुक्ला की पिटाई को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा खामोश हैं, न तो कोई बयान दिया और न ही कोई ट्वीट किया। अगर यही घटना किसी भाजपा साशित राज में हुई होती तो अबतक राहुल प्रियंका ताबड़तोड़ काई ट्वीट करते, मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगते और लोकतंत्र की ह्त्या करार देने में समय न लगाते।

चूँकि पत्रकार की पिटाई कांग्रेस साशित छत्तीसगढ़ में हुई है और पीटने वाले कांग्रेसी नेता हैं इसलिए शायद राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा खामोश हैं, राज्य की छत्तीसगढ़ सरकार भी इस मामलें को दबाने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला का कसूर सिर्फ इतना था कि वो भ्रस्टाचारियों, रेत माफियाओं के खिलाफ लगातार खबर प्रकाशित कर रहे थे, जो कांग्रेसी नेताओं को रास नहीं आया और बीच बाजार में पिटाई कर दी, सिर्फ पिटाई ही नहीं बल्कि पत्रकार को फोन करके जान से मारने की धमकी भी दी.

वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला ने बताया कि पूरा विवाद नगर पालिका के भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों की वजह से शुरू हुआ। वे लगातार इस तरह की खबरें लिख रहे थे। यही वजह थी कि इलाके के जितेंद्र सिंह, गफ्फार मेमन, गणेश तिवारी ने उन पर हमला किया। घटना तब हुई जब कमल एक और पत्रकार के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे थे। पीटने वाले कांग्रेस के नेता हैं।

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