कृषि बिल के आड़ में कांग्रेस ने रची किसानों को बदनाम करने की साजिश, जानबूझकर जलाया ट्रैक्टर

नई दिल्ली, 28 सितंबर: हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि से जुड़े तीन विधेयक लोकसभा और राज्य सभा से पास कराये। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को इन विधेयकों को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अब ये कृषि विधेयक न होकर के कानून बन गया. कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए सड़क से संसद तक कृषि बिल ( अब कानून ) का विरोध कर रही है जबकि ज्यादातर किसान कानून के समर्थन में हैं।

कांग्रेस पार्टी ने कृषि बिल के विरोध में 25 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया था लेकिन इसमें बहुत कम किसानों ने ही अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज कराई, इसके अलावा जो अन्य लोग नकली किसान बनकर कृषि बिल का विरोध करने आये थे, उन्हें यह भी नहीं पता था कि वो विरोध किस चीज का कर रहे हैं, कृषि कानून से उन्हें नुकसान क्या है. भारत बंद में कांग्रेस को किसानों का साथ नहीं मिला।

भारत बंद में किसानों का साथ न मिलने के बाद कांग्रेस तिलमिला उठी, अपना गुस्सा शांत करने के लिए किसानों को ही बदनाम करने की साजिश रच डाली।

इसके बाद किसानों को बदनाम करने की साजिश के तहत सोमवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजधानी दिल्ली में कृषि बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, कांग्रेसी कार्यकर्ता एक ट्रक में एक ट्रैक्टर भरकर लाये और उसे पटककर आग के हवाले कर दिया। मीडिया में खबर चली की कृषि बिल के विरोध में किसानों ने जलाया ट्रैक्टर जबकि सच्चाई यह है कि किसानों ने नहीं बल्कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर जलाया, लेकिन नाम किसानों का गया।

अब आप खुद ही सोंच सकते हैं, कोई किसान अपना ट्रैक्टर जलाकर थोड़ी कृषि कानून का विरोध करेगा, क्योंकि अगर किसान अपना ट्रैक्टर जलाएगा तो नुकसान तो उसी का होगा, बिल के विरोध में आगजनी कांग्रेसियों ने की, बदनाम किसान हुआ। आपको बता दें की ट्रैक्टर जलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 5 कांग्रेसियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

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