खत्म हुआ शी जिनपिंग का खेल, CPC देगी कठोर सजा

चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया में जमकर कहर बरपा रहा है, अमेरिका, आस्ट्रेलिया फ़्रांस समेत कई देश चीन पर जानबूझकर कोरोना फैलानें का आरोप लगा रहे हैं। दुनिया से सच्चाई छिपाये जाने को लेकर चीन फिर एक्सपोज हुआ है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कुर्सी पर अब खतरा मंडराने लगा है.

ब्रिटिश न्यूजपेपर एक्सप्रेस का कहना है कि शि जिनपिंग को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है. कम्युनिस्ट पार्टी पर बहुत दवाब है क्योंकि उन्होंने कोरोना को कोरोना को ढंग से मैनेज नहीं किया. चीन से कोरोना का सच पूरी दुनिया से छुपाया था. पिछले साल सितम्बर से ही कोरोना फैलना शुरू हो गया था.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना ( CPC ) को ये फैसला इसलिए लेना पड़ सकता है क्योंकि वुहान वायरस यानी कोरोना की वजह से आज पूरी दुनिया खतरे में है और इसकी वजह से चीन पर पूरी दुनिया की नजरें टेढ़ी हो चुकी हैं. चीन के दुनिया के बहुत सारे देशों से संबंध खराब हुए हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे बड़े देश शामिल हैं।

कोरोना वायरस की उत्पत्ति और प्रसार में चीन की भूमिका को लेकर जांच शुरू हो चुकी है. 137 देशों ने WHO को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने एक स्वतंत्र जांच दल बनाया गया. इस जांच दल की अगुवाई न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क और लाइबेरिया के पूर्व राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ कर रहे हैं. ये जांच दल नवंबर में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगा।

जाने माने रक्षा विशेषज्ञ और ब्रिटिश सेना के पूर्व अधिकारी निकोलस ड्रुमांड की माने तो कोरोना के बारे में भले ही पहली जानकारी दिसंबर 2019 में सामने आई हो, लेकिन चीन में सितंबर-अक्टूबर से ही ये बीमारी फैल रही थी. नवंबर में ही चीन को पता चल गया था ये बहुत गंभीर मामला है. फिर भी चीन इसे छुपाना चाहता था.